बसपा ने बदला ब्राह्मण सम्मेलन का नाम, अयोध्या में आज से आयोजित होगी प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में गोष्ठी

यूपी चुनाव 2022 : बसपा ने बदला ब्राह्मण सम्मेलन का नाम, अयोध्या में आज से आयोजित होगी प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में गोष्ठी

बसपा ने बदला ब्राह्मण सम्मेलन का नाम, अयोध्या में आज से आयोजित होगी प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में गोष्ठी

Tricity Today | मायावती

बसपा ने बदला ब्राह्मण सम्मेलन का नाम, अयोध्या में आज से आयोजित होगी प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में गोष्ठी Lucknow : उत्तर प्रदेश में आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही दलित और ब्राह्मण वोटर्स को अपनी तरफ साधने की कोशिश में जुट गई है। बीएसपी ने ब्राह्मण सम्मेलन का नाम बदल कर प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी कर दिया है। आगामी 23 से 29 जुलाई तक अलग-अलग जिलों में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 

29 जुलाई तक चलेगा कार्यक्रम
राम नगरी अयोध्या से प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी की शुरुआत होगी। बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। अयोध्या के बाद प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह के सम्मेलन किए जाएंगे। 23 जुलाई को अयोध्या के बाद 29 जुलाई तक अलग-अलग जिलों में इस गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 24-25 जुलाई को अंबेडकर नगर में कार्यक्रम तय है। इसके बाद 26 जुलाई को इलाहाबाद में, फिर 27 को कौशाम्बी, 28 को प्रतापगढ़ और 29 को सुल्तानपुर में कार्यक्रम प्रस्तावित है।

खुशी दुबे का केस लड़ेंगे सतीश मिश्रा
बिकरू कांड के बाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के शार्प शूटर रहे अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे का केस अब बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र लड़ेंगे। बीएसपी नेता और पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने बताया कि सतीश मिश्र खुशी का केस लड़ने के लिए तैयार हैं। खुशी दुबे फिलहाल जेल में बंद हैं और उस पर बिकरू पुलिस हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है।

केंद्र सरकार से कृषि बिल को रद्द करने की मांग
बसपा प्रमुख ने शुक्रवार को ट्वीट किया, 'किसानों के प्रति सरकारों को अहंकारी ना होकर संवेदनशील व हमदर्द होना चाहिए। किन्तु दुःख यह है कि तीन कृषि कानूनों को रद्द करने को लेकर काफी लंबे समय से किसान यहां आंदोलित हैं।' उन्होंने कहा, 'अब ये किसान जंतर-मंतर पर 'संसद' लगाए हैं, केन्द्र चालू सत्र में ही इन कानूनों को रद्द करे।

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