सपा में दो पार्टियों ने किया विलय, कई पूर्व सांसद और विधायकों ने थामा अखिलेश का हाथ

 UP Vidhansabha Chunav 2022 : सपा में दो पार्टियों ने किया विलय, कई पूर्व सांसद और विधायकों ने थामा अखिलेश का हाथ

सपा में दो पार्टियों ने किया विलय, कई पूर्व सांसद और विधायकों ने थामा अखिलेश का हाथ

Tricity Today | आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी पूरी तरह से जमीनी तौर पर खुद को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। अलग-अलग दल के लोगों को भी सपा में शामिल कराकर पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में अखिलेश यादव ने कई बार विधायक रह चुके कांग्रेस नेता विनोद चतुर्वेदी को सदस्यता दिलाई। इसके अलावा कांग्रेस नेता गयादीन अनुरागी ने भी अखिलेश की उपस्थिति में सपा का दामन थामा है। साथ ही जन परिवर्तन दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर ने अपनी पार्टी का विलय समाजवादी पार्टी में करने की घोषणा की है। 

भाजपा और अधिकारियों की भाषा एक
समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि जहां मुख्यमंत्री जाते हैं वहां हत्या की वारदात हो जाती है। गोरखपुर में जैसी घटना हुई वैसा कभी नहीं हुआ। अमेरिका में ऐसी घटना हुई थी तो लोग वहां की सरकार के खिलाफ खड़े हो गए। अब तो गोरखपुर की घटना में मारे गए व्यापारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। कैसे छिपाएगी भाजपा सरकार कि उसकी पीट-पीटकर हत्या नहीं हुई है। जो भाषा भाजपा की है वही अधिकारियों की है। सरकार के दबाव में अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। 

यूपी पुलिस कर रही वसूली
पुलिस प्रशासन का जिस तरह वीडियो वायरल हुआ उससे लगता है कि दबाव बनाया जा रहा है कि न्याय न मिले सरकार ने चुनाव जीतने में एसपी डीएम से मदद ली गयी। एसपी और डीएम पर कार्यवाई इसलिए नही हो रही है क्योंकि वो बीजेपी के रिश्तेदार है। यूपी में पुलिस वसूली कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा ही बीजेपी को 2022 में हराने जा रही है क्योंकि किसान गरीब नवजवान सपा के साथ है। सपा की मांग है कि जातीय जन जनगणना होनी चाहिए।
 
राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की
राजनीतिक कैरियर शुरू करने के पहले रिजवान जहीर की छवि एक दबंग  के रूप में थी। रिजवान जहीर ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 1989 में तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र से पहला चुनाव जीता था। 1993 में समाजवादी पार्टी से विधायक चुने गए. 1996 में रिजवान जहीर ने बसपा की सदस्यता ली और तीसरी बार विधायक चुने गए. 1998 में फिर  समाजवादी पार्टी में लौट आए और बलरामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी से  सांसद चुने गए। 1999 में रिजवान जहीर दोबारा समाजवादी पार्टी के ही टिकट पर सांसद चुने गए। 2004 में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से संबंध बिगड़ने पर रिजवान जहीर ने सपा छोड़ दी थी।
 
बुंदेलखंड के कांग्रेस प्रभारी, पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी भी अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में हुए शामिल। किन्नर महासभा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और जन परिवर्तन दल ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया। छत्तीसगढ़ की गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का प्रभाव उत्तर प्रदेश के सोनभद्र आदि इलाकों में रहने वाले आदिवासी समाज पर है। इसके अलावा कई पूर्व विधायक सहित कुछ अन्य लोग भी शुक्रवार को अखिलेश यादव के समक्ष समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।
 
संविधान बचाने की है लड़ाई 
उन्होंने कहा कि आज की लड़ाई केवल सपा की नहीं बल्कि संविधान बचाने की लड़ाई है। किसान, व्यापारी, नौजवान सभी वर्ग भाजपा की नीतियों से परेशान है। भाजपा लगातार सभी का एक एक अधिकार छीनने का काम कर रही है महंगाई बेरोजगारी पेट्रोल डीजल के दाम बिजली के दाम और गन्ना का समर्थन मूल्य सभी विषयों पर भाजपा को कोई जानकारी नहीं है।

Copyright © 2023 - 2024 Tricity. All Rights Reserved.