भाजपा ने 4 उम्मीदवारों की सूची जारी की, पूर्व आईएएस अरविंद शर्मा को मिली जगह, पूरी जानकारी

यूपी विधान परिषद चुनाव: भाजपा ने 4 उम्मीदवारों की सूची जारी की, पूर्व आईएएस अरविंद शर्मा को मिली जगह, पूरी जानकारी

भाजपा ने 4 उम्मीदवारों की सूची जारी की, पूर्व आईएएस अरविंद शर्मा को मिली जगह, पूरी जानकारी

Google Image | यूपी विधान परिषद

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 12 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए अपने 4 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। भाजपा ने उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को उम्मीदवारों की सूची में रखा है। इसके अलावा लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को भी 4 सदस्य सूची में शामिल किया गया है। गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा भी 4 सदस्यीय सूची में रखे गए हैं। बताते चलेंकि अरविंद कुमार शर्मा ने गत सोमवार को ही वीआरएस लिया था। उसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें उत्तर प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। ट्राइसिटी टुडे ने इस खबर को एक्सक्लूसिव प्रकाशित किया था।

अरविंद शर्मा मूलतः उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं और गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी करीबी माना जाता है। अरविंद शर्मा ने गुरुवार को ही उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। आज उनका नाम 4 सदस्य उम्मीदवारों की लिस्ट में घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 12 सीटों के लिए 28 जनवरी को मतदान किया जाएगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 जनवरी तय की गई है। हालांकि भाजपा 10 से 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। पर पहली लिस्ट में सिर्फ चार नामों को घोषित किया गया है। आज अन्य नामों की घोषणा की जा सकती है।

विधान परिषद के जिन 12 सदस्यों का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो रहा है, उनमें समाजवादी पार्टी के छह, भाजपा के तीन और बसपा के तीन हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस में जाने से उनकी सदस्यता दलबदल कानून के तहत पहले ही खत्म कर दी गई थी। भाजपा के जिन तीन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह तथा उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी शामिल हैं। भाजपा के खाते में दस और सपा के खाते में एक सीट जाना तय है। पर अगर बहुजन समाज पार्टी भाजपा को समर्थन दे, तो भाजपा के खाते में 11 सीटें आएंगी। विधानसभा में बसपा के 19 सदस्य होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव में बसपा के एक उम्मीदवार की जीत हुई थी।

भाजपा ने अपना एक और उम्मीदवार खड़ा कर बसपा की मुसीबत नहीं बढ़ाई थी। पर आखिरी क्षणों में समाजवादी पार्टी ने अपना एक उम्मीदवार उतार कर समीकरण बिगाड़ दिया था। बसपा प्रमुख मायावती इस वजह से काफी खफा हुई थीं। पर सपा के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया था। इस वजह से बसपा के प्रत्याशी की जीत हुई थी। तब मायावती ने कहा था कि बसपा विधान परिषद चुनाव में सपा को हराने के लिये भाजपा की मदद करने से भी पीछे नहीं हटेगी। अगर मायावती अपने इस वचन पर कायम रहती हैं, तो भाजपा की झोली में 11वीं सीट भी आ जाएगी।

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