किसान आंदोलन: प्रदर्शन के 21वें दिन यूपी गेट पर हुई महापंचायत, किसानों ने एक स्वर में समर्थन दिया

प्रदर्शन के 21वें दिन यूपी गेट पर हुई महापंचायत, किसानों ने एक स्वर में समर्थन दिया

Tricity Today | नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करते किसान

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार को पश्विमी उत्तर प्रदेश की खापों से जुड़े किसानों ने यूपी गेट पर चल रहे किसान प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसके साथ ही यूपी गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों की संख्या में भारी इजाफा हो गया है। खाप पंचायतों ने पिछले दिनों ये घोषणा की थी, कि वह 17 दिसम्बर को प्रदर्शनकारी किसानों के साथ प्रदर्शन में भाग लेंगी।

खाप किसानों के आने से प्रदर्शनकारी किसानों में नया उत्साह आ गया है। गुरुवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकारों की साजिश 40 प्रतिशत किसानों को खेती से निकालने की है। फाइल पर नाम किसान का और अंदर पर्ची व्यापारियों की हो, यह बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज भी शाहजहांपुर की तहसील में किसान अपनी धान की फसल लेकर बैठा है। वह फसल कहां बेचे? किसानों के धान की खरीद 800 रुपये में हो रही है। इससे सिर्फ व्यापारियों को मुनाफा हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार अब गांवों में 600 पंचायत करने जा रही है। मगर प्रदेश का किसान यहां बॉर्डर पर बैठा है। कृषि कानून से सभी वर्ग के लोग प्रभावित होंगे। किसानों ने गुरुवार को भी गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाले एनएच-9 पर धरना दिया।
इस दौरान कई किसान संगठनों के नेताओं ने वहां जुटे किसानों को संबोधित किया। इस दौरान बाबा रामसिंह को श्रद्धांजलि दी गई। बाबा रामसिंह ने कल खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। किसानों ने दो मिनट का मौन धारण कर बाबा रामसिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। एनएच-9 पर वाहे गुरु का पाठ किया गया।

भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत के आह्वान पर मुजफ्फरनगर जिले से हजारों की संख्या में खाप के किसानों ने यूपी गेट पर महापंचायत की। महापंचायत में एक स्वर से किसान आंदोलन का समर्थन करने का ऐलान किया गया। खापों की पंचायत में जुटने वाली किसानों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिये गये थे। मेरठ जोन के आईजी प्रवीण कुमार ने एनएच-9 पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिये।

इस बीच यूपी गेट के किसानों ने सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत के लिए होने वाली कमेटी में राकेश टिकैत का नाम सुझाया है। यूपी गेट पर डटे किसानों के बीच इस विषय पर चर्चा की गई। किसानों ने सर्वसम्मति से कमेटी के लिए भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत का नाम सुझाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद किसान आंदोलन से जुड़े आठ संगठनों को याचिका में पार्टी बनाया गया है।

इन संगठनों में भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट, भाकियू सिधुपुर, भाकियू राजेवाल, भाकियू दकौंडा, बीकेयू लाखवाल, जम्हूरी किसान सभा, बीकेयू दोआबा और कुलहिंद किसान फेडरेशन शामिल हैं।

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