कुछ हटके: राजाजी सेंक्चुरी से 5 साल का बाघ गायब, वन विभाग में मचा हड़कंप, लोगों में दहशत

राजाजी सेंक्चुरी से 5 साल का बाघ गायब, वन विभाग में मचा हड़कंप, लोगों में दहशत

Google Image | प्रतीकात्मक तस्वीर

पांच साल का एक बाघ राजाजी बाघ अभयारण्य से रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गया है। गायब बाघ को हाल ही में टाइगर पुनर्वास परियोजना के तहत जिम कॉर्बेट बाघ अभयारण्य (सीटीआर) से राजाजी अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया था। बाघ के गायब होने के बाद से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही राजाजी पार्क से सटे बाहरी क्षेत्र में बसी आबादी में भी दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीमें बाघ का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल उसकी लोकेशन मिलना चुनौती भरा है। बताते चलें कि बाघ पुनर्वास परियोजना के तहत बाघ को जल्दी ही स्थानांतरित कर राजाजी अभयारण्य के मोतीचूर रेंज स्थित बाड़े में रखा गया था। 

सोमवार शाम को जब वन कर्मी बाघ का निरीक्षण करने गए, तो 5 साल का बाघ बाड़े में नहीं मिला। वन कर्मियों ने रेडियो कॉलर से बाघ की स्थिति पता करने की कोशिश की। पर रेडियो कॉलर बाड़े में ही गिरा मिला। जबकि बाघ बाड़े में नहीं था। वनकर्मियों ने इसकी सूचना आला अधिकारियों की दी। इसके बाद से वन विभाग में हड़कंप मच गया। उत्तराखंड के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने इस घटनाक्रम को परियोजना के लिए धक्का बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस बाघ की निगरानी बहुत जटिल हो गई है। 

अधिकारी ने कहा कि वन विभाग राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशानिर्देशों के आधार पर इस मामले की समीक्षा करेगा। हम अपनी गलतियों को सुधार लेंगे। इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी। राजाजी बाघ अभयारण्य के अधिकारियों ने बताया कि बाघ को तलाशने में पूरी ताकत झोंक दी गई है। जल्दी ही बाघ की लोकेशन का पता चल जाएगा। हालांकि घटना की जानकारी होने के बाद राजाजी बाघ अभ्यारण के बाहर के इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग खौफ के साए में जी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बाघ पकड़ा नहीं जाता, हमारे लिए खतरा बना रहेगा।

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