जेटली की पोटली से कर दाताओं को क्या मिला, पढ़िए

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Correspondent/New Delhi

बुधवार को पेश बजट 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निजी करदाताओं को बड़ी छूट दी है। नए बजट प्रावधानों के मुताबिक अब ढाई से पांच लाख रुपये तक के सालाना आय पर टैक्स आधा कर दिया है। पहले ढाई से पांच लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों को कुल आय का 10 प्रतिशत बतौर टैक्स देना पड़ता था, अब इसे घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

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नई दिल्ली। बुधवार को पेश बजट 2017 में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निजी करदाताओं को बड़ी छूट दी है। नए बजट प्रावधानों के मुताबिक अब ढाई से पांच लाख रुपये तक के सालाना आय पर टैक्स आधा कर दिया है। पहले ढाई से पांच लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों को कुल आय का 10 प्रतिशत बतौर टैक्स देना पड़ता था, अब इसे घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।


वहीं, तीन से साढ़े तीन लाख रुपये इनकम वालों वालों को बस 2,500 रुपये बतौर टैक्स देने होंगे। इस नए फैसले की वजह से 5 लाख या उससे ज्यादा इनकम वालों को टैक्स में अधिकतम 12,500 रुपये के आसपास की छूट मिल गई है।


अरुण जेटली ने कुछ दूसरे अहम ऐलान भी किए हैं। टैक्स छूट देने से होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई करने के लिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच सालाना कमाने वालों को 10 पर्सेंट सरचार्ज भी देना होगा। वहीं, 1 करोड़ से ज्यादा कमाने वालों पर 15 पर्सेंट का अधिभार जारी रहेगा। जेटली के मुताबिक, टैक्स घोषणा की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केवल एक पेज का फॉर्म लाने की योजना है। वित्त मंत्री ने भारत के सभी नागरिकों से अपील की कि अगर वे ढाई से 5 लाख के बीच कमाते हैं तो केवल 5 प्रतिशत टैक्स चुकाकर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें।

 

समाज में टैक्स चोरी करना एक परंपरा बन गई है
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि समाज में टैक्स चोरी एक आम बात हो गई है। नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई रकम से भी इस धारणा को बल मिला है। वित्त मंत्री ने बताया कि इस देश में 52 लाख लोग 5 से 10 लाख रुपये सालाना आय दिखाते हैं। 99 लाख लोगों ने ढाई लाख से कम की इनकम दिखाई है। वित्त मंत्री के मुताबिक, ये हालात तब हैं जब देश में एक साल में 1.25 करोड़ से ज्यादा कारें बेची गई हैं। इसके अलावा, विदेश जाने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 2015 में दो करोड़ से ज्यादा है।

 

अरुण जेटली ने कहा, इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में टैक्स अनुपालन नहीं करने वाला समाज है। जब बहुत ज्यादा लोग टैक्स चोरी करते हैं तो इनके हिस्से का भार उन लोगों पर पड़ता है, जो ईमानदारी से टैक्स जमा करते हैं।

 

नए प्रावधानों से किसे कितना फायदा मिलेगा

सालाना आय 60 साल से कम 60-80 साल 80 साल से ज्यादा
2.5 लाख तक कोई फायदा नहीं कोई फायदा नहीं कोई फायदा नहीं
3 लाख तक अधिकतम 2.5 हजार कोई फायदा नही कोई फायदा नहीं
5 लाख तक अधिकतम 12.5 हजार अधिकतम 10 हजार कोई फायदा नहीं
 50 लाख तक अधिकतम 12.5 हजार अधिकतम 12.5 हजार कोई फायदा नहीं 

ज्यादा कमाने वालों को होगा नुकसान
50 लाख रुपये से ऊपर की आय के लिए अब टैक्स पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत का सरचार्ज लगेगा, जो कम से कम 1,32,500 रुपये होगा। इससे उनको फायदे के बजाय नुकसान ही होगा।

 

एजुकेशन सेस बरकरार रहेगा
टैक्स पर 3 प्रतिशत की दर से शिक्षा और उच्च शिक्षा उपकर (सेस) भी देना होगा। 50 लाख से ऊपर की आय पर 10 प्रतिशत और 1 करोड़ से ऊपर की कुल आय पर 15 प्रतिशत का सरचार्ज देना होगा।

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