ईमानदारी का इनाम, अरुणवीर सिंह की यमुना प्राधिकरण में बतौर सीईओ फिर नियुक्ति

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Correspondent

अरुण वीर सिंह के रिटायर होते ही सूबे के कई आईएएस अफसर उनकी जगह नियुक्ति पाने के लिए जोड़तोड़ में लग गए। दरअसल, अधिकांश लोगों का मानना था कि अरुण वीर सिंह को पुनर्नियुक्ति मिलना बहुत मुश्किल है। ऐसे में इन अफसरों की नजर 20 हजार करोड़ रुपये के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर थी। जो किसी भी अधिकारी के सेवाकाल में एक स्वर्णिम अवसर होता है।

ईमानदारी का इनाम, अरुणवीर सिंह की यमुना प्राधिकरण में बतौर सीईओ फिर नियुक्ति
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LUCKNOW: ईमानदारी की कद्र होती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण 30 जून को रिटायर हुए आईएएस डॉ. अरुण वीर सिंह हैं। अरुण वीर सिंह यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नाइल) के सीईओ थे। अब सरकार ने एक बार फिर उन्हें इसी पद पर एक वर्ष के लिए पुनर्नियुक्ति दी है।

अरुण वीर सिंह उत्तर प्रदेश लोक सेवा के प्रशासनिक अफसर थे। वर्ष 2006 में प्रोन्नत होकर आईएएस बने। करीब चार वर्षों से यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी थे। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम शुरू करने के लिए सरकारी कम्पनी नाइल (Noida International Airport Authority Limited) बनी तो उसके भी सीईओ बनाए गए। अरुण वीर सिंह की गिनती उन चुनिंदा अफसरों में है, जो ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं।

वर्ष 1959 में जन्मे अरुण वीर सिंह 30 जून को 60 वर्ष की आयु पूरी करके रिटायर हो गए लेकिन उनके काम और ईमानदारी को देखते हुए यूपी सरकार ने उन्हें सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया। राज्य कैडर के आईएएस अफसरों को छह महीने का सेवा विस्तार देने का प्रावधान है। जिसके लिए अरुण वीर सिंह तैयार नहीं हुए। दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अरुण वीर सिंह का मानना था कि अगर वह केवल छह माह का सेवा विस्तार लेंगे तो उनके बारे में गलत धारणा बनेगी कि शायद एयरपोर्ट के टेंडर को लेकर ऐसा किया गया है। लिहाजा, यूपी सरकार ने उन्हें दो वर्ष के लिए पुनर्नियुक्ति देने का निर्णय लिया।

अभी उन्हें केंद्र सरकार की अनुमति लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने एक वर्ष की पुनर्नियुक्ति दी है। लेकिन यह सेवा 3 वर्ष तक विस्तारित की जा सकती है। यूपी सरकार की मंशा है कि एक अच्छे अफसर की मौजूदगी में जेवर एयरपोर्ट का अधिकांश काम निपटा जाए।

नियुक्ति पाने के लिए तमाम अफसरों ने किया जोड़तोड़
अरुण वीर सिंह के रिटायर होते ही सूबे के कई आईएएस अफसर उनकी जगह नियुक्ति पाने के लिए जोड़तोड़ में लग गए। दरअसल, अधिकांश लोगों का मानना था कि अरुण वीर सिंह को पुनर्नियुक्ति मिलना बहुत मुश्किल है। ऐसे में इन अफसरों की नजर 20 हजार करोड़ रुपये के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर थी। जो किसी भी अधिकारी के सेवाकाल में एक स्वर्णिम अवसर होता है।

अब एक बार फिर अरुण वीर सिंह यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ, दोनों पदों पर एक वर्ष के लिए पुनर्सेवायोजित हो गए हैं। वहीं, 15 जुलाई को एयरपोर्ट बनाने की इच्छुक कम्पनियां ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोमार्ट में पहुंच रही हैं।

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