आजम खां रामपुर के भूमाफिया घोषित, हिस्ट्रीशीटर भी खुल सकती है, 14 मुकदमे दर्ज

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Correspondent

रामपुर के जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक ऐसे लोगों को भूमाफिया घोषित किया जाता है, जो दबंगई से जमीनों पर कब्जा करने के आदी हैं। जो लोग अवैध कब्जे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और जिनके खिलाफ पुलिस थानों में केस दर्ज हैं। उनका ही नाम उत्तर प्रदेश एंटी भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज कराया जाता है। सरकार भी इसकी निगरानी करती है।

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RAMPUR: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री और रामपुर के सांसद आजम खां को रामपुर में ही भूमाफिया घोषित किया गया है। जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीनें कब्जाने के आरोप में फंसे आजम खां को प्रशासन ने भूमाफिया घोषित कर दिया है।

रामपुर के जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक ऐसे लोगों को भूमाफिया घोषित किया जाता है, जो दबंगई से जमीनों पर कब्जा करने के आदी हैं। जो लोग अवैध कब्जे को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं और जिनके खिलाफ पुलिस थानों में केस दर्ज हैं। उनका ही नाम उत्तर प्रदेश एंटी भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज कराया जाता है। सरकार भी इसकी निगरानी करती है।

एंटी भूमाफिया पोर्टल पर नाम दर्ज किया गया
उपजिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी ने बताया कि आजम खां का नाम भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपजिलाधिकारी की ओर से आजम का नाम उत्तर प्रदेश एंटी भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज कराया गया है। आजम खां के खिलाफ  एक सप्ताह के दौरान जमीन कब्जाने के 13 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें एक मुकदमा 12 जुलाई को जिला प्रशासन की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें कहा गया है कि आलिया गंज के 26 किसानों ने उनके ऊपर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है।

किसानों ने आजम खां के खिलाफ शपथ पत्र दिया है
किसानों ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि आजम खां ने उनकी जमीन जबरन जौहर यूनिवर्सिटी में मिला ली है। तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन खां ने उन्हें डराया और धमकाया था। बात नहीं मानने पर हवालात में बंद किया और चरस-स्मैक की तस्करी करने के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी थी। इसी कारण उन्होंने शुरू में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुताई।

पुलिस ने आले हसन के घर रेड डाली
यह मामला दर्ज करते ही पुलिस ने रात में ही मोहम्मद अली जौहर विवि में मुख्य सुरक्षा अधिकारी बने आले हसन खान के आवास पर छापा मारा। तब आले हसन हाथ नहीं लग सके, लेकिन पुलिस उनके बेटे को गिरफ्तार करके ले गई। आले हसन के बेटे और पत्नी के खिलाफ भी सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया गया।

12 किसानों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज
आलिया गंज के सभी 26 किसानों ने अजीम नगर थाने में अलग-अलग तहरीर दी हैं। इनमें से 12 किसानों की तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है, जबकि 14 किसानों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी है। इससे पहले एक जून को भी प्रशासन ने आजम खान और मुख्य सुरक्षा अधिकारी आले हसन खां के खिलाफ कोसी नदी क्षेत्र की पांच हेक्टेयर सरकारी जमीन कब्जाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया था। इस तरह आजम खान और आले हसन खान के खिलाफ  जमीन कब्जाने के पुलिस में 14 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

 

“आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों की विवेचना तीन सदस्यीय स्पेशल टीम करेगी। विवेचना पूरी तरह निष्पक्ष होगी। उन्होंने बताया कि भूमाफिया और हिस्ट्रीशीटर में अंतर होता है। हिस्ट्रीशीट उनकी खोली जाती है, जो अपराध करने के आदी हैं। उनके फरार होने की आशंका है और पुलिस को उनकी निगरानी की आवश्यकता है।"
डॉ.अजयपाल शर्मा, एसएसपी, रामपुर

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