ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में हुए ये बड़े फैसले, उद्योगों के लिए बड़ी खबर

Updated May 23, 2020 11:28:19 IST | Tricity Reporter

गुरुवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की 115वीं बोर्ड बैठक में 22 प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें कई बड़े फैसले हुए हैं। अब आईटी और आईटीईएस के भूखंडों पर औद्योगिक इकाई लगाई जा सकती हैं। आवंटी को परिर्वतन शुल्क जमा करना होगा।

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GREATER NOIDA: गुरुवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की 115 वीं बोर्ड बैठक में 22 प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें कई बड़े फैसले हुए हैं। अब आईटी और आईटीईएस के भूखंडों पर औद्योगिक इकाई लगाई जा सकती हैं। आवंटी को परिर्वतन शुल्क जमा करना होगा।

बोर्ड ने अनिर्मित या अक्रियाशील औद्योगिक भूखंडों की हस्तातंरण नीति का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। आवंटी इस योजना का लाभ अब यह अगले साल जुलाई तक उठा सकते हैं। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की 115वीं बोर्ड बैठक चेयरमैन और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी और जिलाधिकारी बीएन सिंह मौजूद रहे।

1. बोर्ड ने आईटी और आईटीईएस श्रेणी के भूखंडों पर औद्योगिक क्रियाकलाप की अनुमति दे दी है। इसके लिए आवंटियों को भूखंड के प्रयोग के अनुसार परिवर्तन शुल्क देना होगा। इसमें औद्योगिक नीति के अनुसार नियम लागू होंगे। लीज डीड के बाद अगर भूखंड का मानचित्र पास नहीं है तो अब औद्योगिक नीति के अनुसार पास करवाना होगा। ऐसे भूखंड जिनका नक्शा पास है लेकिन निर्माण कार्य नहीं शुरू किया गया है, उस पर भी औद्योगिक नीति के अनुसार नक्शा पास कराना होगा। जिन भूखंडों में नक्शा पास कराकर भवन निर्माणाधीन है, उसका भी मानचित्र संशोधित करवाया जा सकता है। जिन भूखंडों में निर्माण कार्य पूरा करके काम शुरू हो गया है, वहां यह सुविधा नहीं मिलेगी।
  
2. औद्योगिक भूखंडों की हस्तातंरण नीति एक साल के लिए बढ़ा दी गई ही। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अनिर्मित और अक्रियाशील औद्योगिक भूखण्डों का हस्तान्तरण करने की अनुमति दे दी थी। यह सुविधा 17 जुलाई तक थी लेकिन इस योजना का लाभ लेने के लिए आवंटी इसकी तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसके तहत अक्रियाशील भूखण्डों या इकाइयों को समस्त देय जमा करने के बाद हालिया आवंटन दर का 30 प्रतिशत हस्तान्तरण शुल्क जमा करना होता था। अब इस नीति को एक वर्ष के लिये बढ़ा दिया गया है।

3. नई आवंटन योजनाओं में अब पुराने डिफाल्टर आवंटी आवेदन नहीं कर सकेंगे। बोर्ड में तय किया गया कि नई आवंटन योजनाएं लाएं ताकि प्राधिकरण की आमदनी बढ़ सके। आने वाली योजनाओं में बकायेदार बिल्डर भाग नहीं ले सकेंगे। प्राधिकरण क्योस्क, मिल्क बूथ, वाणिज्यिक भूखंड, पेट्रोल पंप आदि की योजना लाने जा रहा है। 

4. प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए आवंटन दरों के निर्धारण पर प्रस्ताव रखा गया। बताया गया कि व्यावसायिक संपत्तियों की दरें बाजार दर से अधिक हैं। इसकी समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जाए। इन दरों को कम किया जा सकता हैं। बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विभिन्न परिसम्पत्तियों के भू-आवंटन दरों के निर्धारण को लेकर प्रस्ताव रखा। प्राधिकरण क्षेत्र के सभी सेक्टरों को चार वर्गों में विभाजित करते हुए प्राधिकरण ने अपनी आवंटन दरें प्रस्तुत कीं। विचार विमर्श के बाद बोर्ड ने कहा, व्यावासयिक संपत्तियां बाजार से महंगी हैं। इसलिए एक कमेटी बनाकर इसका परीक्षण कराए जाए।रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जाएगा।

5. ओल्ड एज होम को बोर्डिंग स्कूलों की तरह सुविधाएं सहमति दे दी है। यह फैसला मैसर्स धर्मपाल सत्यपाल चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रस्ताव पर दिया गया है। इस ट्रस्ट को नॉलेज पार्क-5 में 48,020 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई है। इसमें शर्त लगाई गई है कि यह योजना सीएसआर फंड से चलेगी। इसमें 50 प्रतिशत लाभार्थियों की सूची प्राधिकरण और जिला प्रशासन देगा। इसमें 30 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज, 1.5 एफएआर और इमारत की ऊंचाई 15 मीटर तक होगी।

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