21 साल बाद प्राधिकरण को अतिरिक्त कीमत नहीं चुकाई जाएगी, आवंटियों का ऐलान

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Reporter

शनिवार को शहर के सेक्टर स्वर्ण नगरी की आरडब्लूए ने एक आपात बैठक का आयोजन किया। सेक्टर के निवासियों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से स्वर्ण नगरी के निवासियों को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण अवैध प्रतिकर की वसूली के लिए नोटिस भेज रहा है। नोटिसों को लेकर ही आपात बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आरडब्लूए स्वर्ण नगरी के राजेश भाटी अध्यक्ष ने की और संचालन आरएस पुंडीर ने किया।

21 साल बाद प्राधिकरण को अतिरिक्त कीमत नहीं चुकाई जाएगी, आवंटियों का ऐलान
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सेक्टर स्वर्ण नगरी की RWA ने बैठक का आयोजन किया

GREATER NOIDA : शनिवार को शहर के सेक्टर स्वर्ण नगरी की आरडब्लूए ने एक आपात बैठक का आयोजन किया। सेक्टर के निवासियों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से स्वर्ण नगरी के निवासियों को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण अवैध प्रतिकर की वसूली के लिए नोटिस भेज रहा है। नोटिसों को लेकर ही आपात बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आरडब्लूए स्वर्ण नगरी के राजेश भाटी अध्यक्ष ने की और संचालन आरएस पुंडीर ने किया।

राजेश भाटी ने बताया कि सभी सेक्टर के निवासियों ने विचार-विमर्श करने के बाद आम सहमति से निर्णय लिया है कि सेक्टर स्वर्ण नगरी का कोई भी निवासी इस अवैध नोटिस की राशि का भुगतान नहीं करेंगा। क्योंकि प्राधिकरण ने यह अवैध नोटिस आवंटियों को भूमि आवंटन के लगभग 21 वर्ष बाद भेजा है। जिसके जरिए 4 से 7 लाख रुपये प्रत्येक आवंटी से वसूलने की बात कही गई है।

राजेश भाटी ने बताया कि आम सहमति से सेक्टर वासियों ने एक संघर्ष समिति का गठन किया है, जो इस अवैध नोटिस के विरुद्ध संघर्ष करेगी। इस संघर्ष समिति ने यह निर्णय लिया है कि कोई भी आवंटी इस नोटिस की राशि का भुगतान नहीं करेगा। बैठक में पूर्व प्रधानाचार्य राम सिंह (निवासी ए-151 स्वर्ण नगरी) ने उत्तेजित होकर कहा कि प्राधिकरण अपने फैसले को वापस ले ले अन्यथा मैं प्राधिकरण के द्वार पर आत्मदाह करने को विवश हो जाउंगा। एडवोकेट योगेश ने कहा हमको अगर आवश्यकता पड़ी तो हम हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी जाने को तैयार हैं। अधिवक्ता प्रमोद कुमार सुनपुरा ने कहा कि स्वर्ण नगरी की जमीन का अधिकरण वर्ष 1998 में हुआ था। जो सुनने को मिला है कि यह स्वर्ण नगरी की जमीन प्राधिकरण ने यूपीएसआईडीसी से अधिकृत की है। ऐसे में किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने का औचित्य ही नहीं बनता है।

लोगों ने कहा कि सेक्टर को बसे हुए 21 वर्ष हो चुके हैं। अब से पहले प्राधिकरण क्या सोया हुआ बैठा था। यहां एक-एक प्लॉट 4 से 5 बार बिक चुका है। इस पर भी प्राधिकरण को मुनाफा हुआ है। प्राधिकरण का यह रवैया हम सभी सेक्टरवासी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके लिए हमें भले ही आंदोलन या कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े। अबर सड़कों पर उतरना पड़ा तो हम बिल्कुल पीछे नहीं रहेंगे। लोगों ने कहा कि इस नोटिस का मुंहतोड़ जवाब सभी एक सुर में देंगे। आरडब्लूए के सचिव सहदेव सिंह ने कहा कि हम लोग तो बैंक से लिए लोन की राशि का ही भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। ऊपर से प्राधिकरण ने इस अतिरिक्त प्रतिकर वसूली का नोटिस भेज दिया है, जो बिल्कुल भी सही नहीं है।

बैठक में सैकड़ों सेक्टरवासी उपस्थित रहे। मुख्य रूप से योगेश एडवोकेट, ओम प्रकाश भाटी एडवोकेट, राजेंद्र नागर, ओम प्रकाश अग्रवाल, सुरेंद्र त्यागी, राजेंद्र महावरिया, सुनील भाटी, सहदेव सिंह, नरेंद्र यादव, एसपी सिंह, नरेंद्र मावी, सुनील प्रधान, आरएस भटनागर, नरेंद्र यादव, ओपी अरोड़ा, राजपाल सिंह उपस्थित रहे।

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