यमुना प्राधिकरण के इन पांच गांवों को बनाया जायेगा स्मार्ट विलेज

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Correspondent

यमुना प्राधिकरण ने पांच और गांवों का चयन स्मार्ट विलेज बनाने के लिए कर लिया है। इन गांवों में कूड़ा निस्तारण, पानी आपूर्ति, तालाबों का सौंदर्यीकरण, सोलर सिस्टम, कौशल विकास केंद्र आदि खोले जाएंगे। इन गांवों की डीपीआर बनाकर कामों के टेंडर छोड़े जाएंगे। प्राधिकरण इन गांवों में जल्द कार्य शुरू कराने की तैयारी कर रहा है।

यमुना प्राधिकरण के इन पांच गांवों को बनाया जायेगा स्मार्ट विलेज
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Yamuna Authority

YAMUNA CITY : यमुना प्राधिकरण ने पांच और गांवों का चयन स्मार्ट विलेज बनाने के लिए कर लिया है। इन गांवों में कूड़ा निस्तारण, पानी आपूर्ति, तालाबों का सौंदर्यीकरण, सोलर सिस्टम, कौशल विकास केंद्र आदि खोले जाएंगे। इन गांवों की डीपीआर बनाकर कामों के टेंडर छोड़े जाएंगे। प्राधिकरण इन गांवों में जल्द कार्य शुरू कराने की तैयारी कर रहा है।

यमुना प्राधिकरण के अधीन 96 गांव आते हैं। इसमें से 29 गांवों की जमीन लेकर सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। इन गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने की योजना है। यमुना प्राधिकरण 20202 के अंत तक 10 गांव स्मार्ट बनाने का लक्ष्य है। प्राधिकरण पांच गांवों का चयन पहले कर चुका है। अब पांच गांवों का चयन और कर लिया है। 

इन गांवों में पचोखरा, चांदपुर, मूंजखेड़ा, उस्मानपुर और आछेपुर शामिल हैं। हर गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा व पोषण पर सबसे ज्यादा फोकस होगा। इन गांवों में स्कूल व अस्पताल बनाए जाएंगे। इन गांवों के ठोस व गीले कचरे के निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। पानी आपूर्ति सुचारू की जाएगी ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। भूजल स्तर बचाने के लिए तालाब व अन्य सभी स्रोत विकसित किए जाएंगे। इन गांवों में सोलर सिस्टम पर जोर होगा, जिससे कि बिजली पर निर्भरता कम रहे।

हर गांव में बनेगी ई चौपाल
हर गांव में कौशल विकास केंद्र खुलेंगे। हर गांवों में ई-चौपाल की सुविधा मिलेगी। इसके तहत एक सेंटर बनाकर वहां कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर लगाएगा। ग्रामीण के बिजली, पानी, टेलीफोन व मोबाइल के बिल वहीं से जमा हो सकेंगे। रेलवे टिकट भी इसी सेंटर से हो सकेगा। एक सेंटर कोक बनाने में 1.7 लाख रुपये खर्च होंगे।

गांवों में 100 करोड़ होंगे खर्च
गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए हर गांव पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण के 10 गांवों के विकास पर 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। गांवों को स्मार्ट बनाने के लिए बोर्ड में पहले ही प्रस्ताव पास हो चुका है। इसके लिए धन का भी आवंटन किया जा चुका है।

इन गांवों का पहले हुआ था चयन
यमुना प्राधिकरण ने इससे पहले 5 गांवों का चयन कर चुका है। इसमें अच्छेजा बुजुर्ग, डूंगरपुर रीलका, रामपुर बांगर, निलौनी शाहपुर व मिर्जापुर शामिल है। इन गांवों में विकास कार्यों के लिए टेंडर भी हो चुका है। हालांकि कोई ठेकेदार न आने के कारण फिर से टेंडर निकाले जा रहे हैं। 

 

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