गलगोटिया के पॉलिटेक्निक विभाग में एल्युमनाई टॉक सीरीज कार्यक्रम का आयोजन

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Mayank Tawer

गलगोटिया विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग ने एल्युमनाई टॉक सीरीज कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के कम्प्युटर साईस विभाग की प्रोफेसर डा संध्या तरार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्तिथ रही। 

गलगोटिया के पॉलिटेक्निक विभाग में एल्युमनाई टॉक सीरीज कार्यक्रम का आयोजन
Photo Credit: 
गलगोटिया के पॉलिटेक्निक विभाग में एल्युमनाई टॉक सीरीज कार्यक्रम का आयोजन

Greater Noida: गलगोटिया विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग ने एल्युमनाई टॉक सीरीज कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के कम्प्युटर साईस विभाग की प्रोफेसर डा संध्या तरार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्तिथ रही। 

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के डीन डा अवधेश कुमार, डा एसएन सत्यपथी ने मुख्य अतिथि के साथ मिलकर विद्यार्थियों को एल्युमनाई टास्क के महत्व को बताया कि हम इस प्रकार के सैमीनार के द्वारा कैसे नयी से नयी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। 

मुख्य अतिथि डा संध्या ने विद्यार्थियों को अपने सम्बोधन में बताया कि आर्टिफिशियल इन्टैलीजैस साईस का वो क्षेत्र हैं, जिनमें हम कम्प्यूटर को वो शक्ति प्रदान करते हैं, जिससे वो मनुष्य की तरह सोच समझ कर कोई भी  कार्य कर सकते है। 

पूर्व में कम्प्यूटर वही कार्य कर सकते थें। जिसके लिए वो प्रोग्राम किये गये है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के क्षेत्र मे क्रांतिकारी बदलाव किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा हमने मशीन लर्निंग का कॉन्सेप्ट साकार किया है, जिससे कि कम्प्यूटर अब बिना प्रोग्रामर कोड के काम कर सकता है, उदाहरण के तौर पर यदि कम्प्युटर को हमें बैंक में इस्तेमाल करना हैं तो हमें उसे केवल बैंक के अंदर एक ट्रैनीं कर्मचारी की तरह एक सीमित अवधि तक रखना है, उसके बाद वो कम्प्यूटर खुद अपने आप बैंक के हर तरह के काम कर सकता है, ठीक ह्यूमन बीइंग ह्यूमन बीइंगस की तरह या कहे तो कुछ मायनो में उनसे बेहतर भी हो सकता हैं। 

उन्होंने बताया की, इसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा हम कंप्यूटर विजन (मनुष्य की तरह देखना). रोबोटिक्स (मनुष्य की तरह दिखने वाला कंप्यूटर) जैसी कई आधुनिक मशीन बना चुके हैं। पूर्व में जादुई सी लगने वाली बिना ड्राइवर की कार भी अब एक रियलिटी है, जिसे टैसला नाम की एक अमरीकी कम्पनी ने सच कर दिया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उयोग हुआ है।

यदि रोजगार की दृष्टि से देखें तो अगले 5 सालो में 1 मिलियन रोजगार के अवसर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेसड एप्लीकेशनस प्रदान करेंगी। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक से पास आउट पिछले दो बैचों के विद्यार्थियों ने जो वर्तमान में एमएनसी कम्पनियों में काम कर रहे हैं। उन्होंने आकर कॉलेज के विद्यार्थीयों के साथ अपने अनुभव शेयर किये और कहा कि हम हमेशा अपने इस महाविद्यालय से जुड़े रहेंगे। कार्यक्रम में प्रो आनन्द दोहरे, प्रो अरूण कुमार, अनुपमा मैम, बीएम सर और भगवत प्रशाद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
 

Galgotia College, Galgotoa University, Dhruv Galgotia, Suneel Galgotia, Polytechnic Department