नोएडा और गाजियाबाद सफाई में पिछड़े, जानिए दोनों शहरों की रैंक

Updated Dec 31, 2019 09:35:27 IST | Tricity Today Reporter

केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने देशभर के शहरों में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण और स्वच्छ भारत अभियान के परिणाम घोषित किए हैं। इस मामले में नोएडा और गाजियाबाद अपनी पिछले साल की रैंक से भी पिछड़ गए हैं। दूसरे क्वॉर्टर में नोएडा को 244वीं रैंक दी गई है। जबकि, गाजियाबाद को 30वीं रैंक मिली है। पिछले वर्ष के सापेक्ष दोनों शहरों की रैंक में बड़ी गिरावट है।

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Noida & Ghaziabad

केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने देशभर के शहरों में चल रहे स्वच्छता सर्वेक्षण और स्वच्छ भारत अभियान के परिणाम घोषित किए हैं। इस मामले में नोएडा और गाजियाबाद अपनी पिछले साल की रैंक से भी पिछड़ गए हैं। दूसरे क्वॉर्टर में नोएडा को 244वीं रैंक दी गई है। जबकि, गाजियाबाद को 30वीं रैंक मिली है। पिछले वर्ष के सापेक्ष दोनों शहरों की रैंक में बड़ी गिरावट है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में नोएडा रैंकिंग के मामले में काफी पिछड़ा है। साल के पहले क्वार्टर में 126 और दूसरे क्वार्टर में 244वीं रैंक नोएडा शहर की मिली है। यह राष्ट्रीय रैंक है। तमाम कवायदों के बावजूद में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था सही ढंग से नहीं की जा सकी है। शहर के तमाम सेक्टरों में ढलाव घर खुले पड़े रहते हैं। शहर में डस्टबिन सड़कों के किनारे रखे रहते हैं। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा सका। दूसरी ओर शहर को खुले में शौच मुक्त करने की योजना भी परवान नहीं चढ़ पाई है। नोएडा के लिए यह कोई पहली बार नहीं है। पिछले 4 वर्षों में लगातार नोएडा फिसड्डी साबित हुआ है। पिछले यूपी के टॉप-5 शहरों में भी नोएडा शामिल नहीं था।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के दो क्वार्टर के परिणमन की घोषणा कर दी है। यह घोषणा मंगलवार की शाम दिल्ली में की गई है। नोएडा के बाद अगर गाजियाबाद की बात करें तो वहां भी रैंक में बड़ी गिरावट आई है। इस साल के पहले क्वार्टर में शहर 32वें स्थान पर था। दूसरे क्वार्टर में मामूली सुधार हुआ और 30वीं रैंक आई है। यह दोनों राष्ट्रीय रैंक हैं। प्रादेशिक स्तर पर भी गाजियाबाद की रैंक गिरी है। उत्तर प्रदेश में पहले क्वार्टर में गाजियाबाद छठे और दूसरे क्वार्टर में सातवें स्थान पर पिछड़ गया है। अगर पिछले साल से तुलना करें तो गाजियाबाद को देश में 13वां और प्रदेश में पहला स्थान मिला था। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि कूड़ा निस्तारण करने में आई अड़चनों के कारण रैंकिंग में कमी आई है। अगली तिमाही में हालात सुधारने का भरपूर प्रयास किया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण का अंतिम परिणाम मार्च 2020 में घोषित किया जाएगा।