शीशे पर धूल जमी होने पर काम नहीं करेगा फास्टैग

Updated Jan 02, 2020 10:23:52 IST | Tricity Today Reporter

अगर वाहन के शीशे पर धूल जमीं हुई है तो वाहन के शीशे पर लगे फास्टैग को स्कैन करने में परेशानी आ सकती है। फास्टैग स्टीकर पर धूल जमीं होने के कारण स्कैन नहीं होता है जिससे वाहन को टोल  बूथ से गुजरने में परेषानी आ ती है। ऐसी ही एक घटना लुहारली टोल प्लाजा पर सामने आई। जहां ट्रक चालक ने शीशे को अच्छी तरह साफ किया। जिसके बाद ट्रक को भुगतान होने के बाद निकाला जा सका।

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प्रतीकात्मक फोटो

Greater Noida: अगर वाहन के शीशे पर धूल जमीं हुई है तो वाहन के शीशे पर लगे फास्टैग को स्कैन करने में परेशानी आ सकती है। फास्टैग स्टीकर पर धूल जमीं होने के कारण स्कैन नहीं होता है जिससे वाहन को टोल  बूथ से गुजरने में परेषानी आ ती है। ऐसी ही एक घटना लुहारली टोल प्लाजा पर सामने आई। जहां ट्रक चालक ने शीशे को अच्छी तरह साफ किया। जिसके बाद ट्रक को भुगतान होने के बाद निकाला जा सका।

लुहारली टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए गुजरने वाले वाहनों की संख्या लगभग आधी पहुॅच चुकी है। यदि 31 दिसंबर के 24 घंटे के आकड़ो  का आकलन करे तो टोल प्लाजा सेबीस हजार तीन सौ दो वाहन गुजरे। इस दौरान टोल प्लाजा को कुल आय 24 लाॅख 88 हजार 940 रूपए हुई। इसमें से 13 लाॅख 47 हजार 740 रूपए हुई है। इससे यह साफ हो रहा है की करीब आधे वाहन फास्टैग के जरिए डिजीटल भुगतान कर रहे है।

निजि वाहनों से ज्यादा व्यवसायिक वाहनों ने दिखाई रूचि
टोल प्लाजा को रोजना करीब आधा राजस्व फास्टैग के जरिए प्राप्त हो रहा है। इनमें वाहनों की आकलन किया जाए तो निजि वाहनों की आपेक्षा व्यवसायिक वाहन फास्टैग से अधिक मात्रा में भुगतान कर रहे है। जिससे निजि वाहनों की रूचि फास्टैग में कम दिख रही है।

करीब 30 से 40 प्रतिशत निजि वाहन फास्टैग के जरिए भुगतान कर रहे है जबकि व्यवसायिक वाहनों की प्रतिक्रिया काफी बेहतर है व्यवसायिक वाहन 70 प्रतिशत से भी अधिक मात्रा में फास्टैग का प्रयोग कर रहे है।
अमरिंदर झा, प्रबंधक लुहारली टोल प्लाजा