सपा के 30 विधायकों को लेकर आज भाजपा में शामिल हो सकते हैं राजा भैया

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Correspondent

राजा भैया निर्दलीय विधायक हैं लेकिन समाजवादी पार्टी को अपना समर्थन दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के कई विधायक उनके साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। ये विधायक भाजपा यूपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के संपर्क में लगातार बने हुए हैं।

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होते-होते रोक दी गई। इसके पीछे निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने की तैयारी को बताया जा रहा है। दरअसल, राजा भैया समाजवादी पार्टी के 30 विधायकों के साथ आज भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

राजा भैया निर्दलीय विधायक हैं लेकिन समाजवादी पार्टी को अपना समर्थन दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के कई विधायक उनके साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। ये विधायक भाजपा यूपी प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के संपर्क में लगातार बने हुए हैं। ऐसा भी कहा जा रहा है कि सभी विधायक और राजा भैया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी मुलाकात कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमति मिलते ही जल्द से जल्द इन विधायकों को भाजपा में शामिल किया जा सकता है।

इस बीच जानकारों का मानना है कि अखिलेश गुट और मुलायम धड़े की ओर से चुनाव आयोग में अपना-अपना पक्ष रखने के बाद अब इसकी उम्मीद बहुत ही कम है कि सुलह हो। चुनाव आयोग समाजवादी पार्टी को फ्रीज कर दोनों को अलग-अलग ही सिंबल देगा। दरअसल, शुक्रवार को चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। चुनाव आयोग साइकिल चुनाव चिन्ह को लेकर अपना फैसला सोमवार को दे सकता है। यह भी एक वजह है कि समाजवादी पार्टी के नेताओं में खुद को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

यूपी में पहले चरण के दौरान 15 जिलों की 73 सीटों पर वोटिंग होनी है। चुनाव के लिए अधिसूचना 16 जनवरी को जारी होगी। नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 24 जनवरी है और जांच 25 जनवरी को की जाएगी। नामांकन वापस लिए जाने की आखिरी तारीख 27 जनवरी होगी। इन विधानसभा सीटों पर मतदान 11 फरवरी को करवाया जाएगा। शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाज़ियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा और कासगंज जिलों की 67 सीटों पर मतदान होगा।

अब से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक प्रधान पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह भाजपा में शामिल हो चुके हैं। राजा भैया फैज़ाबाद के साथ गोसाईगंज से सपा विधायक और उनके रिश्तेदार अभय सिंह भी भाजपा में शामिल हो रहे हैं। 

राजा का भाजपा से है पुराना नाता 
भाजपा ने साल 2000 में राजनाथ सिंह को मुख्यमंत्री बनाया। 2002 का विधानसभा चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा। वो अलग बात रही कि वह सत्ता में वापसी में नाकाम रही। लेकिन आज भाजपा के पास कई बड़े ठाकुर चेहरे हैं, जो चुनावी सीजन में पूरी बैटिंग कर रहे हैं। राजनाथ सिंह गृहमंत्री और लखनऊ से सांसद हैं। राजा भैया की राजनाथ सिंह से करीबियां है। कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह की सरकारों में राजा भैया को कैबिनेट मंत्री रहे थे। चुनाव को देखते हुए राजनाथ की सक्रियता प्रदेश में बढ़ गयी है। पूरे प्रदेश के ठाकुर नेता राजनाथ सिंह के साथ हैं।

भाजपा के लिए क्यों हैं ठाकुर वोट ख़ास 
अभी उत्तर प्रदेश से 78 ठाकुर विधायक हैं और 14 सांसद हैं। प्रदेश में कई जातियां सत्ता का रुख बदलने का दमखम रखती हैं लेकिन ठाकुर वोटरों की अहमियत अगल ही है। ठाकुर वोटर तादाद में भले ही कम हों लेकिन उनका समर्थन हर राजनीतिक दल के लिए ख़ास रहा है। इसे देखते हुए 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल जहां ब्राह्मण, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वोटरों को लुभाने में लगे हैं, वहीं करीब सात फीसदी क्षत्रिय वोटरों को लुभाने की भी होड़ है।

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