विकास दुबे की मौत के बाद गांव वालों का डर दूर करने बिकरू पहुंची पुलिस

विकास दुबे की मौत के बाद गांव वालों का डर दूर करने बिकरू पहुंची पुलिस

Google Image | विकास दुबे

उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर विकास दुबे के मारे जाने के बाद कानपुर में उसके पैतृक  बिकरू गांव में पुलिस पहुंची। गांव के निवासी डर के उबरकर बाहर आते दिख रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी चिंताओं को साझा किया।

दुबे और उनका परिवार लगभग 15 वर्षों से ग्राम पंचायत को नियंत्रित कर रहे हैं। दुबे के हाथों जीवन भर पीड़ित रहे कई ग्रामीणों ने उनकी हत्या के बाद राहत की सांस ली है। स्थानीय पुलिस ने शनिवार को ग्रामीणों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस हमेशा उनकी सेवा में है। सर्कल ऑफिसर (सीओ) त्रिपुरारी पांडे ने ग्रामीणों के साथ बैठक की, ताकि उनमें विश्वास पैदा हो सके और उनकी समस्याओं को सुन सकें।

पांडे ने उन लोगों की शिकायतें भी सुनीं, जिनकी जमीन और संपत्ति को दुबे ने जबरदस्ती हड़प लिया था। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उन्हें उनकी जमीन वापस दिलाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, "ग्रामीणों से मिलने का मुख्य कारण उनके मन से डर को दूर करना और उनकी समस्याओं को सुनना था। विकास दुबे की मौत के बाद ग्रामीणों में डर काफी कम हो गया है और स्थिति सामान्य होने वाली है।"

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई ग्रामीण राशन खरीदने में असमर्थ है, तो वह उनकी समस्या का समाधान करेंगे। सीओ ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को नियंत्रित करने के लिए गांव में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है।
 
आपको बता दें कि  गुरुवार को उज्जैन में गिरफ्तार किया गया विकास दुबे शुक्रवार की सुबह कानपुर ले जाने के दौरान हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस ने कहा कि वाहन छीनने के बाद उसने उन पर छीने हुए हथियार से गोलीबारी की। उन्होंने उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

गैंगस्टर पिछले हफ्ते बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में मुख्य आरोपी था, जिसमें हमलावरों के एक समूह ने पुलिस टीम पर गोलियां चलाई थीं, जो दुबे को गिरफ्तार करने के लिए गई थीं। इस घातक मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मी मारे गए थे।

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