Greater Noida: जिस दिन विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ उस दिन दादरी अस्पताल में बना था उसका पर्चा

Greater Noida: जिस दिन विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ उस दिन दादरी अस्पताल में बना था उसका पर्चा

Tricity Today | दादरी अस्पताल में बना विकास दुबे का पर्चा

दादरी के अस्पताल में पर्चा बना और पता कानपुर लिखवाया हैgangaअस्पताल के पर्चे में विकास दुबे की उम्र 53 साल लिखवाई गई हैgangaपुलिस को पूछताछ में पता चला है नशेड़ी युवक ने पर्चा बनवायाgangaगौतमबुद्ध नगर पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है

कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे का जिस दिन यूपी एसटीएफ के साथ एनकाउंटर हुआ था, उसी दिन दादरी के अस्पताल में उसके नाम से एक ओपीडी का पर्चा बनवाया गया था। यह पर्चा शुक्रवार को सामने आया है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और गौतम बुध नगर पुलिस ने जांच-पड़ताल की है। हालांकि अभी तक पुलिस यह नहीं समझ पाई है कि यह पर्चा क्यों बनवाया गया था। पुलिस ने उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की है, जिसने दादरी के अस्पताल में जाकर यह पर्चा बनवाया। शुरुआती जांच पड़ताल में पुलिस को पता लगा है कि पर्चा बनवाने वाला कोई नशेड़ी युवक था।

कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे गौतम बुध नगर में कई दिन घूमता रहा, इसे लेकर कुछ पुख्ता जानकारियां पुलिस को मिली थीं। जिसके बाद पुलिस ने ग्रेटर नोएडा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट और नोएडा फिल्म सिटी में नाकाबंदी की थी। यह भी जानकारी सामने आई थी कि एक बड़ा क्रिमिनल लॉयर विकास दुबे का गौतम बुध नगर में सरेंडर करवाना चाहता था। वकील की योजना पहले कोर्ट में सरेंडर करवाने की थी। जब बात नहीं बनी तो फिर किसी न्यूज़ चैनल के स्टूडियो में सरेंडर करवाने की योजना बनाई गई। पुलिस की चौकसी के चलते इन दोनों योजनाओं को परवान नहीं चढ़ाया जा सका। इसके बाद विकास दुबे को हरियाणा में सरेंडर करवाने की कोशिश की गई थी। वहां भी बात नहीं बनी तो दिल्ली में भी सरेंडर करवाने का प्रयास किया गया था। राजस्थान में भी विकास दुबे के सरेंडर की कोशिश हुई थी। अंततः उसे मध्य प्रदेश ले जाया गया और वहां एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत उसकी गिरफ्तारी हुई।

विकास दुबे के एनकाउंटर की सुबह पर्चा बना

10 जुलाई की सुबह जब यूपी एसटीएफ विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर लेकर लौट रही थी तो रास्ते में कार पलट गई थी। इस दौरान हुई मुठभेड़ में विकास दुबे मारा गया। अब बड़ी बात यह सामने आई है कि जिस दिन सुबह विकास दुबे का कानपुर में एनकाउंटर हुआ, उसी दिन दादरी के अस्पताल में उसके नाम से एक ओपीडी का पर्चा बनवाया गया है। पर्चे में बाकायदा नाम विकास दुबे लिखा गया है। उम्र 53 वर्ष लिखी गई है। पते की जगह भी कानपुर शहर लिखा गया है। यह पर्चा शुक्रवार को सामने आया है। 

किसी नशेड़ी युवक ने बनवाया था पर्चा

जिसके बाद गौतम बुध नगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल की है। इस जांच पड़ताल में पुलिस के हाथ कुछ खास तो नहीं लगा है, बस इतना पता चला है कि किसी नशेड़ी युवक ने यह पर्चा बनवाया था। हालांकि बाद में इस पर्चे पर दवाई भी नहीं ली गई है। पर्चा बनाने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी से पुलिस ने पूछताछ की है। पुलिस अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की भी जांच-पड़ताल करने में जुटी हुई है। पुलिस यह समझना चाहती है कि अगर यह पर्चा विकास दुबे के लिए ही बनवाया गया था तो इसका मकसद क्या हो सकता है। 

जिले के गैंगस्टर से विकास दुबे के गहरे रिश्ते थे

दूसरी ओर गौतम बुध नगर पुलिस को ऐसे इनपुट भी मिले हैं कि यहां के एक बड़े गैंगस्टर से विकास दुबे के ताल्लुकात रहे हैं। विकास दुबे और गैंगस्टर के रिश्तों को खंगालने में पुलिस जुटी हुई है। पिछले दिनों गौतम बुध नगर के दो बड़े आपराधिक गैंग पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों के करीब 13 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई कानपुर कांड के बाद की गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे राज्य में कुख्यात माफियाओं और गैंगस्टर पर कार्रवाई करने का आदेश पुलिस को दिया है।

मामले की जांच गहराई से की जा रही है: उपायुक्त

इस पूरे घटनाक्रम के बारे में ग्रेटर नोएडा के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार सिंह ने कहा, यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि विकास दुबे के लिए ही दादरी के अस्पताल में पर्चा बनवाया गया था। पर्चा बनाने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने बताया कि एक नशेड़ी युवक उसके पास आया था। उसने यह पर्चा बनवाया है। हालांकि बाद में इस पर्चे पर दवा नहीं ली गई थी। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

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