बड़ी खबर: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हुई बोर्ड बैठक का बड़ा फैसला, 15 दिनों में मांगे सुझाव

Updated Sep 15, 2020 20:39:44 IST | Mayank Tawer

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक भूखंडों का एफएआर (फ्लोर एरिया रेसियो) 1 से बढ़ाकर 3 कर दिया है। अब फ्लोर के हिसाब से औद्योगिक इकाइयां....

बड़ी खबर: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हुई बोर्ड बैठक का बड़ा फैसला, 15 दिनों में मांगे सुझाव
Photo Credit:  Tricity Today
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हुई बोर्ड बैठक का बड़ा फैसला
Key Highlights
-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पिछले महीने हुई बोर्ड बैठक में लिया था फैसला
-प्राधिकरण ने 15 दिनों के भीतर अब आम जन से आपित्तयां एवं सुझाव मांगे

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक भूखंडों का एफएआर (फ्लोर एरिया रेसियो) 1 से बढ़ाकर 3 कर दिया है। अब फ्लोर के हिसाब से औद्योगिक इकाइयां लग सकेंगी। कम क्षेत्र में अधिक औद्योगिक इकाइयां लगने का रास्ता साफ हो गया है। बोर्ड बैठक में इस फैसले पर पहले ही मुहर लग चुकी है। इस मामले में अगर किसी का कोई सुझाव/आपत्ति है तो वह 15 दिनों के अंदर प्राधिकरण में दे सकते हैं। इसके बाद भवन नियमावली में यह संशोधन लागू कर दिया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रहा है। अपनी नीतियों में भी बदलाव कर रहा है। पिछले महीने में 8 अगस्त को हुई बोर्ड बैठक में औद्योगिक भूखंडों का एफएआर बढ़ाने पर फैसला लिया गया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत अभी तक उद्योगों के लिए एफएआर से 1 लेकर 1.5 तक था। इसे बढ़ाकर दो कर दिया गया। इसके बाद अगर कोई चाहे तो तय शुल्क का भुगतान करके 1 एफएआर और खरीद सकता है। यानी अब औद्योगिक भूखंडों में एफएआर तीन हो गया है। उद्यमी आवंटित जमीन पर दोगुना निर्माण कर सकेंगे। इससे उद्योग को विस्तार मिलेगा।

इस तरह से आएगा बदलाव
अभी 1000 वर्ग मीटर के भूखंड पर 60 फीसदी हिस्से पर निर्माण करने की अनुमति है। इसका एफएआर 1.5 है। इस हिसाब से वह ढाई मंजिल तक निर्माण कर सकता है। अब इस फैसले के बाद वह पांच मंजिल निर्माण कार्य कर सकेगा। यह व्यवस्था नये आवंटन में लागू होगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 4 औद्योगिक सेक्टर 7, 8 ,9 व  16 को बसाने जा रहा है। इसी को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है।

वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब को उद्योग का दर्जा
प्राधिकरण ने वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब नीति को लागू करने का फैसला लिया है। ताकि ग्रेटर नोएडा में वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब बन सकें। अब इनको औद्योगिक श्रेणी में रखा गया है। अभी तक यह वाणिज्यिक श्रेणी में आता था। प्राधिकरण ने बोड़ाकी व उसके आसपास वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब बनाने की योजना बना रखी है। इसका फायदा वेयरहाउस व लॉजिस्टिक हब में भूखंड लेने वालों को मिलेगा। उन्हें अब औद्योगिक दर पर जमीन मिल सकेगी। इसमें भी प्राधिकरण ने आम जन से 15 दिनों में आपत्तियां एवं सुझाव मांगे हैं। इसके बाद इसे भी लागू कर दिया जाएगा।

सुझाव व आपत्तियां मांगी
भवन नियमावाली के इस संशोधन पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आम लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। प्राधिकरण ने लोगों से 15 दिन में अपनी आपत्तियां दे सकते हैं। किसी भी कार्य दिवस में प्राधिकरण के कस्टमर रिलेसन सेल या vaibhavgupta@gnida.in पर आपत्तियां या सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद इस संशोधन को लागू कर दिया जाएगा।

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