ग्रेटर नोएडा के लिए बड़ी खबर, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया- माइक्रोसॉफ्ट आना चाहती है, मिलेंगे निवेश और रोजगार

Updated Jun 29, 2020 17:11:52 IST | Rakesh Tyagi

ग्रेटर नोएडा के लिए बड़ी खबर है। कोरोना वायरस से आई महामारी और आर्थिक मंदी से उबरने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में निवेश लाने का हर संभव प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में यूपी के एमएसएमई मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह जुटे हुए हैं।

ग्रेटर नोएडा के लिए बड़ी खबर, सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया- माइक्रोसॉफ्ट आना चाहती है, मिलेंगे निवेश और रोजगार
Photo Credit:  Social Media
Siddharth Nath Singh

ग्रेटर नोएडा के लिए बड़ी खबर है। कोरोना वायरस से आई महामारी और आर्थिक मंदी से उबरने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में निवेश लाने का हर संभव प्रयास कर रही है। इस सिलसिले में यूपी के एमएसएमई मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह जुटे हुए हैं। सोमवार को सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की है। दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट ग्रेटर नोएडा में अपना दूसरा केंपस स्थापित करना चाहती है।

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सोमवार की दोपहर बाद करीब 4:30 बजे एक ट्वीट किया है। जिसके जरिए उन्होंने जानकारी दी है कि माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की है। माइक्रोसॉफ्ट ग्रेटर नोएडा में अपना कैंपस स्थापित करना चाहती है। उन्होंने कहा, "मैंने तहे दिल से उनका स्वागत किया है। हम उनका रेड कारपेट वेलकम करेंगे।" सिद्धार्थ नाथ सिंह ने ट्वीट में लिखा है कि यह उत्तर प्रदेश सरकार और अमेरिका में किए गए वर्चुअल रोड शो का परिणाम है।

 

आपको बता दें कि चीन से शुरू हुई कोरोना वायरस महामारी के कारण बड़ी संख्या में यूरोप, अमेरिका और एशियाई मुल्कों की बहुराष्ट्रीय कंपनियां वहां से कारोबार समेटना चाहती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार इसे बड़ा अवसर मानकर आगे बढ़ रही है। अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एमएसएमई मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना बड़ी संख्या में इन कंपनियों से बातचीत कर चुके हैं। कई कंपनियां भारत आने की घोषणा भी कर चुकी हैं। इनमें चमड़े का कारोबार करने वाली कंपनियां आगरा आ रही हैं।

चीन से कई बड़ी कंपनियां नोएडा और ग्रेटर नोएडा आना चाहती हैं

इसी तरह कई कंपनियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा आने की इच्छा जाहिर की है। इनमें से कुछ कंपनियां चीन छोड़कर वियतनाम जा रही थीं। दरअसल, भारत के मुकाबले वियतनाम में उद्योग लगाना करीब 10 फ़ीसदी सस्ता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने कंपनियों को आश्वासन दिया है कि वह उनको रियायत देने के लिए तैयार हैं, जिससे वियतनाम का मुकाबला किया जा सके।

अभी नोएडा और गुड़गांव में है माइक्रोसॉफ्ट के आर एंड डी सेंटर

आपको बता दें कि इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट कंपनी नोएडा में अपना रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर बना चुकी है। नोएडा फैसिलिटी में काम शुरू हो चुका है। लॉकडाउन से ठीक पहले माइक्रोसॉफ्ट को बड़े पैमाने पर नोएडा फैसिलिटी के लिए इंजीनियरों की भर्ती करनी थी, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना वायरस महामारी के कारण योजना थोड़ी धीमी पड़ गई है। अब माइक्रोसॉफ्ट ने ग्रेटर नोएडा में दूसरा केंपस स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है। यह ग्रेटर नोएडा शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। अभी ग्रेटर नोएडा में विप्रो और एनआईआईटी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर मौजूद हैं।

माइक्रोसॉफ्ट के आने से आईटी सेक्टर में ग्रेटर नोएडा को पहचान मिलेगी

पिछले एक दशक के दौरान ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण आईटी और आईटीएस कंपनियों को लाने के लिए पुरजोर कोशिश करता रहा है। कई बार आईटी कंपनियों को जमीन देने के लिए योजनाएं भी निकाली गईं, लेकिन शहर को मनमाफिक स्तर की कंपनियां नहीं मिल पाई हैं। अब अगर ग्रेटर नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट पांव जमाती है तो यह शहर के लिए बड़ी उपलब्धि हो सकती है। इससे नोएडा और गुड़गांव की ही तरह ग्रेटर नोएडा में भी आईटी सेक्टर तेजी के साथ फल-फूल फूल सकता है। इससे शहर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निवेश मिलेगा और लंबे अरसे से थमी पड़ी औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।

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