गौर सिटी के डीजीएम और फैसिलिटी मैनेजर पर एफआईआर, राइट टू लाइफ का उल्लंघन करने का मामला

Updated Sep 24, 2020 20:01:08 IST | Mayank Tawer

Greater Noida West से बड़ी खबर आ रही है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी हाउसिंग सोसायटी गौर सिटी के उप महाप्रबंधक और फैसिलिटी...

गौर सिटी के डीजीएम और फैसिलिटी मैनेजर पर एफआईआर, राइट टू लाइफ का उल्लंघन करने का मामला
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Gaur City 6th Avenue

Greater Noida West से बड़ी खबर आ रही है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सबसे बड़ी हाउसिंग सोसायटी गौर सिटी के उप महाप्रबंधक और फैसिलिटी मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना पुलिस में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने "राइट टू लाइफ" के उल्लंघन का आरोप बिल्डर और उसके अधिकारियों पर लगाया है। जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी।

Gaur City 6th Avenue में रहने वाले एक परिवार की ओर से बिसरख थाना पुलिस को शिकायत दी गई थी। जिसमें बताया गया कि बिल्डर ने जरूरी और अति महत्वपूर्ण सेवाएं बंद कर दी हैं। जिसकी वजह से सोसाइटी में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बहुत परेशान हैं। यह जीवन के अधिकार का हनन है। लिहाजा, इस मामले में बिल्डर और उसके जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सोसायटी के उप महाप्रबंधक आशीष नरूला और फैसिलिटी मैनेजर आरके मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर आईपीसी की धाराएं 270, 269, 188 और महामारी अधिनियम-1897 की धारा तीन के तहत यह मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि बिल्डर के कृत्य की वजह से संक्रामक रोग फैल सकते हैं। लोगों के जीवन को नुकसान पहुंच सकता है। 

आईपीसी की धारा 269 का मानना है कि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा उपेक्षापूर्ण कार्य किया जाना, जिसकी वजह से किसी के जीवन को संकट उत्पन्न हो और संक्रामक रोग फैलने की संभावना हो। आईपीसी की धारा 270 कोविड-19 की रोकथाम के लिए जारी किए गए आदेशों की अवहेलना करने पर दर्ज किया गया है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा के प्रावधान हैं। संक्रामक बीमारी के बढ़ते खतरे के बीच नियमों का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तारी की जा सकती है।

आईपीसी की धारा 188 निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के कारण एफआईआर में दर्ज की गई है। सीआरपीसी की धारा 144 इस वक्त जिले में लागू है। बिल्डर के अधिकारियों ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है। जिसके लिए उन्हें दंडित किया जा सकता है। महामारी अधिनियम 1897 की धारा तीन भी इस एफआईआर में में लागू की गई है। जिसके तहत आदेशों की अवहेलना करना दंडनीय अपराध है।

आपको बता दें कि बिल्डर ने बीते शनिवार को गौर सिटी सिकस्थ एवेन्यु में बिजली, पानी, सिक्योरिटी और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं बंद कर दी थीं। जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। गौर सिटी सिक्सथ एवेन्यू के निवासी इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी, डिप्टी पुलिस कमिश्नर और विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मिले थे। जिस पर कोई सुनवाई नहीं की गई थी। अंदर से परेशान होकर लोग सड़कों पर उतर आए थे। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी हरकत में आए। आनन-फानन में सारी सुविधाएं दोबारा शुरू की गई थीं। इसी मामले को लेकर विशेष थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज दर्ज की है।

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