ग्रेटर नोएडा वेस्ट: 10 साल बीतने पर भी बिल्डर ने फ्लैट नहीं दिया, खरीदार पहुंचे तो बाउंसरों धक्के लगवाकर बाहर किया

ग्रेटर नोएडा वेस्ट: 10 साल बीतने पर भी बिल्डर ने फ्लैट नहीं दिया, खरीदार पहुंचे तो बाउंसरों धक्के लगवाकर बाहर किया

Tricity Today | 0 साल बीतने पर भी बिल्डर ने फ्लैट नहीं दिया, खरीदार पहुंचे तो बाउंसरों धक्के लगवाकर बाहर किया

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बिल्डर जो ना कर दें, वह कम ही है। अब रविवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक बिल्डर ने अपने फ्लैट खरीदारों को बाउंसर से धक्के लगवा कर बाहर निकलवा दिया। दरअसल, पजेशन का वक्त बीतने के बावजूद बिल्डर घरों पर कब्जा नहीं दे रहा है। जिसका विरोध करने फ्लैट खरीददार पहुंचे थे। कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी फ्लैट खरीदारों को नहीं मिला। जिससे गुस्साए लोगों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद बिल्डर ने बाउंसर भेज दिए। बाउंसर ने लोगों को धक्के देकर सोसाइटी से बाहर निकाल दिया। अब मामला पुलिस के पास पहुंच गया है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित एलिगेंट विले सोसायटी में बरसों पहले फ्लैट बुक करने के बावजूद लोगों को अब तक घर नहीं मिले हैं। जिन फ्लैट खरीदारों को आशियाना नहीं मिला, उन्होंने शनिवार की शाम बिल्डर के साइट ऑफिस पहुंचकर हंगामा काटा है। आरोप है कि बिल्डर ने अपने बाउंसरों से खरीदारों को बाहर खदेड़ दिया। सोसायटी के लोगों का आरोप है कि बिल्डर ने सोसाइटी में बुनियादी सुविधाओं के नाम पर महज खानापूर्ति की है।

जानकारी के मुताबिक एलिगेंट विले सोसाइटी में 5 टावर में करीब 750 फ्लैट बने हुए हैं। वर्तमान में यहां पर 80 से 90 परिवार रह रहे हैं। शनिवार की शाम खरीदार घरों पर कब्जा लेने के लिए पहुंच गए। आरोप है कि जब खरीदारों ने बिल्डर से फ्लैट देने की बात कही तो उन्होंने आनाकानी कर दी। जिसके बाद खरीदारों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया।

खरीदारों का आरोप है कि बिल्डर ने अपने साथ लाए बाउंसरों से उनके साथ अभद्रता कराई ।बाउंसरों ने उन्हें सोसाइटी से बाहर निकाल दिया। सोसायटी में रहने वाले आशुतोष ने बताया कि सोसाइटी में सीवर और पानी आदि की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सोसाइटी के फायर सिस्टम भी ठीक प्रकार से काम नहीं करते। उन्होंने बताया कि बिल्डर से इस संबंध में कई बार बात करने की कोशिश की जाती है, लेकिन बाउंसर मिलने नहीं देते। इस बात की शिकायत जिला प्रशासन और बिसरख पुलिस से भी की जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।

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