BIG BREAKING : बाइक बोट घोटाले के सरगना संजय भाटी समेत 14 लोगों पर लगा गैंगस्टर, प्रॉपर्टी जब्त होगी

Updated Oct 16, 2020 16:29:45 IST | Mayank Tawer

देशभर के लाखों लोगों को अरबों रुपए का चूना लगाने वाले बाइक बोट घोटाले के सरगना संजय भाटी और उसके दो भाइयों समेत 14 लोगों पर गैंगस्टर...

BIG BREAKING : बाइक बोट घोटाले के सरगना संजय भाटी समेत 14 लोगों पर लगा गैंगस्टर, प्रॉपर्टी जब्त होगी
Photo Credit:  Tricity Today
संजय भाटी

देशभर के लाखों लोगों को अरबों रुपए का चूना लगाने वाले बाइक बोट घोटाले के सरगना संजय भाटी और उसके दो भाइयों समेत 14 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इन सभी लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा की दादरी कोतवाली में दर्ज करवाया गया है। गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार सिंह के आदेश पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्दी ही इन सभी आरोपियों की निजी संपत्ति जब्त की जाएंगी। इन सारे लोगों के खिलाफ दादरी कोतवाली में करीब ढाई सौ मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें से ज्यादातर में गौतमबुद्ध नगर पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अभियुक्त इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं। इन्हें जमानत लेने से रोकने के लिए पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट लगाने का फैसला लिया है।

बाइक बोट घोटाले में गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक मुख्य अभियुक्त संजय भाटी, उसके दो भाई, चाचा चचेरे भाई, कई रिश्तेदार और कंपनी के निदेशकों समेत 14 लोगों को जेल भेजा है। इन सभी लोगों की अग्रिम जमानत याचिकाएं गौतमबुद्ध नगर जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी हैं। मिली जानकारी के मुताबिक अब अभियुक्त इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत लेना चाहते हैं। पुलिस इनकी जमानत का विरोध कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस सारे गैंग ने आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए देशभर के लाखों लोगों के साथ आपराधिक धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। अगर यह लोग जेल से बाहर आते हैं तो साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित करेंगे। लिहाजा, इन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने सारे अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

आपको बता दे कि बाइक बोट कंपनी के प्रमोटर संजय भाटी की 104 करोड रुपए की संपत्तियां जप्त कर ली हैं। ईडी ने संजय भाटी और उसकी कंपनी की 104 करोड़ की संपत्ति सीज कर दी हैं। ईडी ने नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, कानपुर और इंदौर की 19 संपत्तियां सीज कर दी हैं।

संजय भाटी ने 7 संपत्तियां अन्य लोगों के नाम पर खरीदी थीं। इन सातों प्रॉपर्टी को भी ईडी ने सीज कर दिया है। संजय भाटी और उसकी गर्वित इन्नोवेटिव कम्पनी के नाम 26 कीमती प्लाट, फ्लैट को एजेंसी ने सीज किया है। संजय भाटी के 22 बैंक खातों को भी सीज किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक सील की गई संपत्तियों में 101.45 करोड़ के मकान, फ़्लैट, प्लाट हैं। बैंक में जमा 2.28 करोड़ रुपये सीज किए गए हैं।

छापों में बड़े पैमाने पर बेनामी संपत्तियां सामने आई थीं
मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने बाइक बोट घोटाले में 12 जगहों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में केंद्रीय एजेंसी ने तमाम बेनामी संपत्ति का पता लगाया और उनके दस्तावेज हासिल किए थे। बेनामी संपत्तियों के दस्तावेजों के आधार पर प्रॉपर्टी सीज की गई हैं।

नोएडा कॉपरेटिव बैंक में बड़ी धांधली पकड़ी गई
नोएडा कोऑपरेटिव बैंक से बड़े पैमाने पर धांधली पकड़ी गई है। बैंक कर्मियों की मिलीभगत से संजय भाटी ने मनी लॉन्ड्रिंग का खुला खेल खेला था। बैंक के प्रमोटर्स और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी। ईडी से मिली जानकारी के मुताबिक इन सबके नाम मुकदमों में शामिल किए जाएंगे। ईडी ने बाइक बोट घोटाले के मास्टरमाइंड संजय भाटी पर अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

36 मुकदमों में ज़मानत याचिकाएं ख़ारिज हुई
जिला न्यायालय में 4 जुलाई को बाइक बोर्ड घोटाले के मुख्य आरोपी संजय भाटी की पहले 9 मुकदमों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी। अदालत ने सभी 9 केसों में सुनवाई के बाद जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था। जबकि आरोपी की तरफ से अदालत में मजबूती से पक्ष रखा गया था। उसके बावजूद भी कोर्ट से आरोपी को राहत नहीं मिली। अब एक बार फिर 27 केसों में जमानत याचिका खारिज होने पर आरोपी को झटका लगा है। इसके चलते आरोपी की 36 मुकदमों में जमानत याचिका खारिज हो चुकी है।

संजय भाटी ने कैसे लोगों को शिकार बनाया
संजय भाटी ने साल 2010 में कंपनी शुरू की और साल 2018 में बाइक बोट नाम की स्कीम लांच की। ऐप बेस्ड टैक्सियों की तर्ज पर शुरू हुई इस स्कीम में बाइक टैक्सी मिलती थी। कंपनी के पास हजारों मोटरसाइकिल थी, लेकिन एक भी मोटरसाइकिल खुद संजय भाटी के पैसे से नहीं आई थी बल्कि ऐसे ही भोले भाले लोगों को रिटर्न का लालच देकर पैसा लिया जाता और फिर उसी से मोटरसाइकिल खरीद ली जाती। लोगों को आश्वासन दिया था कि एक बाइक की कीमत के करीब 62 हजार रुपये देने होंगे और साल भर करीब दस हजार रुपये का रिटर्न मिलेगा। इस तरह सिर्फ एक साल में पैसा लगभग दोगुना मिलेगा। लोगों ने इस स्कीम को हाथों हाथ लिया और बड़े शहरों के अलावा करीब 50 शहरों में बाइक बोट की बाइक सड़कों पर दिखने लगीं। एक अनुमान की मानें तो इस स्कीम में दो लाख से अधिक लोगों को ठगा गया।

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