ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए खुशखबरी, एनएमआरसी ने ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का टेंडर निकाला

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए खुशखबरी, एनएमआरसी ने ग्रेनो वेस्ट मेट्रो का टेंडर निकाला

Tricity Today | Greater Noida West Metro

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन के ग्रेटर नोएडा वेस्ट कॉरिडोर के लिए नए सिरे से निविदाएं निकाली हैं। नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 तक पहले चरण में मेट्रो जाएगी। यह  ग्लोबल टेंडर है और कंपनियों को निविदा को जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर दी गई है। इस परियोजना को पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। 

यह मेट्रो रूट 15 किलोमीटर का होगा। इस विस्तार के जरिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और ग्रेटर नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन से जुड़ जाएंगे। राजधानी के साथ कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इस रुट पर कुल नौ स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से पांच 2022 तक पहले चरण में बनकर तैयार होंगे। एनएमआरसी की प्रबंध निदेशक ऋतु माहेश्वरी ने कहा, "हमने नए सिरे से निविदा जारी की है और कंपनियों को जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर दी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट कॉरिडोर पर काम सबसे पहले शुरू होगा क्योंकि इसकी योजना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।"

पहले फेज में ये पांच स्टेशन बनेंगे

  • NOIDA SECTOR-122
  • NOIDA SECTOR-123
  • GREATER NOIDA SECTOR-4
  • ECOTECH-12
  • GREATER NOIDA SECTOR-2

एलिवेटेड रुट और स्टेशन होंगे

इस लाइन का रुट और सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे। इस पर नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन 492 करोड़ रूपये खर्च करेगा। इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी नोएडा से बहुत बढ़िया हो जाएगी। अभी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पास सार्वजनिक परिवहन का कोई इंतजाम नहीं है। लोगों को निजी वाहनों पर ही निर्भर है।

3 दिसंबर 2019 को यूपी सरकार ने मंजूरी दी थी

नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल 3 दिसंबर 2019 को मंजूरी दी थी। उम्मीद थी कि इस लाइन का काम फरवरी-मार्च तक शुरू हो जाएगा। लेकिन शुरूआत में कुछ समस्याएं और फिर कोरोना वायरस के कारण काम शुरू नहीं हो सका।

ग्रेटर नोएडा मेट्रो की डेली राइडरशिप बढ़ने की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलने का असर नोएडा से परी चौक होते हुए ग्रेटर नोएडा जा रही मेट्रो लाइन पर भी पडेगा। इससे राइडरशिप में बढ़ोत्तरी होगी। अभी इस लाइन की राइडरशिप 24-25 हजार रोजाना चल रही है। डीपीआर में एक लाख के आसपास उम्मीद जताई गई थी। एनएमआरसी का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलने पर शुरूआती महीनों में ही लाखों लोगों के सफर करने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि वेस्ट में काफी संख्या में लोग रहने आ चुके हैं। अगले दो साल में खाली पड़े फ्लैट में भी लोग रहने आ जाएंगे। ऐसे में लोग ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों का भी दिल्ली-एनसीआर का सफर आसान हो जाएगा। साथ ही वहां से अब तक सार्वजनिक यातायत व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है।

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