ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो से जुड़ी अच्छी खबर, देश में अपनी तरह की अनोखी होगी, जानिए कब काम शुरू होगा

Updated Oct 03, 2020 11:35:08 IST | Mayank Tawer

Noida-Greater Noida West Metro Project :  नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो अपने आप में अनोखी होगी। देश में पहली बार कोई मेट्रो मॉल...

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो से जुड़ी अच्छी खबर, देश में अपनी तरह की अनोखी होगी, जानिए कब काम शुरू होगा
Photo Credit:  Tricity Today
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो से जुड़ी अच्छी खबर

Noida-Greater Noida West Metro Project :  नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो अपने आप में अनोखी होगी। देश में पहली बार कोई मेट्रो मॉल जैसे स्टेशन से होकर गुजरेगी। इस मेट्रो में सवार यात्रियों को स्टेशन से गुजरते हुए अहसास होगा जैसे वह किसी शानदार मॉल के बीच से गुजर रहे हैं। इसके स्टेशनों में प्लेटफॉर्म के ऊपर दो और तल बनाए जाएंगे। ये पूरी तरह कमर्शियल होंगे।

इनमें दुकानें और बैक्वेंट हॉल होंगे। इस स्ट्रक्चर के आधार पर स्टेशन बनाने के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (Noida Metro Rail Corporation) ने टेंडर जारी कर दिए हैं। स्टेशन का स्ट्रक्चर बन जाने पर प्लेटफॉर्म के ऊपर दो तल का निर्माण बीओटी के आधार पर कराया जाएगा। नए डिजाइन के हिसाब से स्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए सिविल के निर्माण पर करीब 60 करोड़ रूपये अतिरिक्त खर्च होंगे। दो तल बनने से स्टेशनों की ऊंचाई करीब 6 मीटर और बढ़ जाएगी।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच मेट्रो चलनी प्रस्तावित है। इसके निर्माण के लिए इसी साल मई महीने में टेंडर जारी किए गए थे। शुरुआत में यह टेंडर अभी तक शहर में बने सामान्य मेट्रो स्टेशन के लिए जारी किए गए थे। यह टेंडर हासिल करने के लिए में तीन कंपनियां आई थीं। इनके कागजात में कमी मिलने पर सभी के आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। अब इस लाइन के लिए दूसरी बार टेंडर जारी किए गए हैं, लेकिन इस बार शर्तों में बदलाव किया गया है। अभी शहर में जो स्टेशन बने हैं, वह प्रथम तल पर बने हैं और दूसरे तल पर फ्लेटफॉर्म हैं। इन स्टेशनों का स्ट्रक्चर इतना मजबूत नहीं है कि इसके ऊपर और कोई तल बनाया जा सके। 

अब एनएमआरसी ने जो टेंडर जारी किए हैं, उसके तहत चार तल का निर्माण किया जा सकता है। जो अभी टेंडर जारी किए गए हैं, उसके मुताबिक अभी सिर्फ दो तल का निर्माण करना होगा। इसके ऊपर के दो तल का निर्माण बीओटी के आधार पर कराया जाएगा। जो कम्पनी इसका निर्माण करेगी, वही इसका संचालन करेगी। वह इन दो तल पर बनने वाली दुकान और बैक्वेंट हॉल आदि के जरिए कमाई करेंगी।

एनएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच चलने वाली मेट्रो की यह लाइन सेक्टर-51 से शुरू होकर नॉलेज पार्क पांच तक जाएगी। लेकिन पहले चरण में सेक्टर-51 से शुरू होकर सेक्टर-2 ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलेगी। इसमें पांच स्टेशन होंगे। इनमें सेक्टर-122, 123, सेक्टर-4 ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर-12 इकोटेक और सेक्ट-2 ग्रेटर नोएडा वेस्ट के स्टेशन हैं। इस हिस्से के निर्माण कार्य के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मई महीने में टेंडर जारी किए थे।

अधिकारियों ने बताया कि पांच स्टेशन तक निर्माण के लिए पहली बार जारी किए गए टेंडर में सिविल के कामकाज की लागत 430.69 करोड़ रुपए तय की गई थी। अब नए डिजाइन के हिसाब से स्ट्रक्चर मजबूत बनाया जाएगा। अब इसकी लागत बढ़कर 491 करोड़ रुपए हो गई है। जो कंपनी इसका निर्माण कार्य करेगी, उसे 20 महीने में काम पूरा करना होगा।

जनवरी 2021 में काम शुरू करने की योजना

एनएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि अगर अगर इस बार टेंडर प्रक्रिया में आने वाली कंपनियों के कागजात और अन्य प्रक्रिया सही मिली तो कंपनी का चयन नवंबर 2020 के अंत तक कर लिया जाएगा। जनवरी 2021 से इस लाइन के सिविल कंस्टक्शन का काम शुरू हो सकता है। दूसरी ओर अभी नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच चल रही एक्वा लाइन का एक्सटेंशन रूट है। जिस रूट पर मेट्रो चल रही है, वह करीब 29 किलोमीटर लंबी है। अब नए ग्रेनो वेस्ट के रूट पर भी मेट्रो चलने से इसका दायरा बढ़ जाएगा।

3 दिसंबर 2019 को यूपी सरकार ने मंजूरी दी थी

नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो लाइन प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल 3 दिसंबर 2019 को मंजूरी दी थी। उम्मीद थी कि इस लाइन का काम फरवरी-मार्च तक शुरू हो जाएगा। लेकिन शुरूआत में कुछ समस्याएं और फिर कोरोना वायरस के कारण काम शुरू नहीं हो सका।

ग्रेटर नोएडा मेट्रो की डेली राइडरशिप बढ़ने की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलने का असर नोएडा से परी चौक होते हुए ग्रेटर नोएडा जा रही मेट्रो लाइन पर भी पडेगा। इससे राइडरशिप में बढ़ोत्तरी होगी। अभी इस लाइन की राइडरशिप 24-25 हजार रोजाना चल रही है। डीपीआर में एक लाख के आसपास उम्मीद जताई गई थी। एनएमआरसी का कहना है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो चलने पर शुरूआती महीनों में ही लाखों लोगों के सफर करने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि वेस्ट में काफी संख्या में लोग रहने आ चुके हैं। अगले दो साल में खाली पड़े फ्लैट में भी लोग रहने आ जाएंगे। ऐसे में लोग ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों का भी दिल्ली-एनसीआर का सफर आसान हो जाएगा। साथ ही वहां से अब तक सार्वजनिक यातायत व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है।

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