ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की फिर नींद टूटी, शाहबेरी में 8 इमारतों को सील किया

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की फिर नींद टूटी, शाहबेरी में 8 इमारतों को सील किया

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की फिर नींद टूटी, शाहबेरी में 8 इमारतों को सील किया

Google Image | शाहबेरी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की फिर नींद टूटी, शाहबेरी में 8 इमारतों को सील किया

शाहबेरी की खतरनाक इमारतों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की फिर नींद टूटी है। शनिवार को पुलिस बल के साथ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने 8 अवैध इमारतों को सील कर दिया। प्राधिकरण ने यहां 163 इमारतों को सील करने की योजना बनाई है। अभी उन इमारतों को सील किया जा रहा है, जिनमें लोग नहीं रह रहे हैं।

शाहबेरी में 17 जुलाई 2018  को दो अवैध इमारतें गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद यहां की इमारतों को लेकर खूब हो हल्ला मचा। उस समय कुछ सीलिंग भी हुई थी, लेकिन कई जगह सीलिंग तोड़ दी गई। यहां की इमारतों की मजबूती परखने के लिए आईआईटी दिल्ली से सुरक्षा ऑडिट भी कराया गया। इसी साल जनवरी में आईआईटी ने अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपी थी। रिपोर्ट के अनुसार यहां 434 अवैध इमारतें हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल तीन इमारतों ही सुरक्षित हैं। बाकी सब खतरनाक हैं। खतरनाक को भी तीन श्रेणियों में बांटा गया। आईआईटी ने इनकी मजबूती की जांच के लिए सिफारिश की थी। इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में ही रहा।

अचानक शनिवार को प्राधिकरण की टीम ने फिर कार्रवाई शुरू की। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम और पुलिस बल ने सीलिंग की कार्रवाई की। पहले दिन 8 इमारतों को सील किया गया। प्राधिकरण उन इमारतों को सील कर रहा है, जिसमें लोग अभी नहीं रह रहे हैं। सीलिंग इस कार्रवाई से यहां खरीद-फरोख्त में कमी आने की उम्मीद है। बताया जाता है कि प्राधिकरण ने यहां पर 163 इमारतों को सील करने की तैयारी की है। इसकी सूची बना ली गई है।

लॉकडाउन में चल रही थी खरीद फरोख्त
शाहबेरी के घर खरीदारों के मामलों में एक्टिविस्ट सचिन कुमार का कहना है कि प्राधिकरण और पुलिस ने यहां के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इसके कारण रोक के बावजूद शाहबेरी में अवैध इमारतों के घरों की खरीद-फरोख्त हो रही थी। रजिस्ट्री हो रही थी। लॉकडाउन के दौरान भी यहां रजिस्ट्री हो चुकी हैं। उन्होंने हाल ही में इस मामले में खाली इमारतों की सीलिंग करने की मांग उठाई थी। खाली इमारतों के सील होने के बाद ही इनमें खरीद-फरोख्त रुक सकेगी।

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