Exclusive: महाशिवरात्रि पर हिन्दू-मुसलमानों ने पेश की एकता की मिसाल, मिलकर रखी शिव मंदिर की नींव

Updated Feb 22, 2020 07:04:33 IST | Tricity Today Chief Correspondent

पूरे देश में भले ही हिन्दू और मुस्लिमों के नाम राजनीति और बवाल हो रहे हैं लेकिन ग्रेटर नोएडा के लोगों ने एक बार फिर सांप्रदायिक एकता और सौहाद्र्र की मिसाल पेश की है। दादरी क्षेत्र के रिठौरी गांव मे एक बार फिर हिन्दू-मुसलिम भाई चारे की मिसाल कायम की गई। मुसलमानों ने हिन्दुओं के साथ मिलकर मंदिर के लिए भूमि पूजन...

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ग्रेटर नोएडा के रिठौरी गांव में महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर की नींव रखते हुए दोनों समुदाय के लोग।

पूरे देश में भले ही हिन्दू और मुस्लिमों के नाम राजनीति और बवाल हो रहे हैं लेकिन ग्रेटर नोएडा के लोगों ने एक बार फिर सांप्रदायिक एकता और सौहाद्र्र की मिसाल पेश की है। दादरी क्षेत्र के रिठौरी गांव मे एक बार फिर हिन्दू-मुसलिम भाई चारे की मिसाल कायम की गई। मुसलमानों ने हिन्दुओं के साथ मिलकर मंदिर के लिए भूमि पूजन करके नींव रखी।

अजायबपुर गांव के रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल रेलवे कॉरिडोर के परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण हो गया है। यहां रिठौरी गांव का पुराना मंदिर भी था। जिसे विकास प्राधिकरण ने गांव में ही दूसरी जगह शिफ्ट करके जमीन दी है। अब शुक्रवार को गांव में नए मंदिर का निर्माण करने के लिए आयोजन किया गया। जिसमें भूमि पूजन और हवन किया गया।

गांव के एडवोकेट विदेश भाटी ने बताया कि शुक्रवार को सभी ग्रामीण नए स्थल पर एकत्र हुए। विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया गया। शुक्रवार को महाशिव रात्रि के पावन अवसर पर मंदिर की भूमि का पूजन करके नींव रखी गई है। एडवोकेट विदेश भाटी ने बताया कि इस अनुष्ठान में हमारे गांव के पड़ोसी हाजी अबदुल खां, राजू खां, सलमू खां, मास्टर अजीज, राजू उस्मानी भी शालि हुए।

एडवोकेट विदेश भाटी ने बताया कि वहीं क्षेत्र के तमाम गांवों से हिन्दू समाज के दिनेश भाटी एडवोकेट, पीताम्बर शर्मा चिटहैरा, राजेन्द्र प्रधान मायचा, लाला बद्री प्रसाद, बेदी उपाध्याय, महेश गुप्ता एडवोकेट, जयप्रकाश लीलू, मास्टर अनिल शर्मा, चमन भाटी, मुक्कदम, जयवीर मायचा आदि उपस्थित थे।

ब्राह्मण महासभा के वरिष्ठ सामाजिक नेता पंडित पीतांबर शर्मा ने कहा, यह कोई पहला मौका नहीं है, हमारे इलाके में सांप्रदायिक एकता की तमाम मिसाल हैं। ऐसी मस्जिदें हैं, जिनकी नींव मंत्रोच्चारण के साथ रखी गई हैं। ऐसे मंदिर हैं, जिन्हें बनाने के लिए मुसलमान भाईयों ने पैसा दिया है और श्रमदान किया है। ऐसी मस्जिदें भी हैं, जिन्हें बनाने के लिए हिन्दुओं ने अपनी जमीन दान दी।

एडवोकेट दिनेश भाटी ने कहा, हिन्दू और मुसलमानों के बीच तकरार से किसी को फायदा नहीं होता है, केवल नेताओं और पार्टियों को फायदा होता है। उन्हें सत्ता मिलती है लेकिन हमें तो यहां अपने लोगों के बीच रहना होता है। यहां हिन्दू और मुसलमान जैसी कोई बात नहीं है। सब एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी हैं। हमारे दुख में दिल्ली से कोई नहीं आएगा, हमारा मुकसलमान पड़ोसी ही खड़ा होगा।