जेवर में होली के दिन चार परिवारों की खुशियां उजड़ी, गावों में मातम छाया

Updated Mar 11, 2020 22:10:06 IST | Tricity Today Reporter

कस्बे में होली के पर्व पर अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटा घायल हो गए। कस्बे में चार लोगों से मातम पसर गया। होली पर सार्वजनिक स्थानों पर होली नहीं मनाई गई...

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प्रतीकात्मक फोटो

कस्बे में होली के पर्व पर अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटा घायल हो गए। कस्बे में चार लोगों से मातम पसर गया। होली पर सार्वजनिक स्थानों पर होली नहीं मनाई गई।

ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ी, मौत
कस्बे के मोहल्ला सल्लियान निवासी राजू बघेल की गर्भवती पत्नी की सोमवार को (35) की अचानक हालत बिगड़ गयी। परिजनों ने जेवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने ग्रेटर नोएडा के अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सको नें ऑपरेशन के बाद गर्भवती महिला के पेट से मृत शिशु को निकाला। इसमें महिला की हालत बिगड़ गयी। मंगलवार को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। 

बॉलिंग करते समय उठा दर्द, गई जान
कस्बे के मोहल्ला खोरिया जेवर निवासी सुखपाल शर्मा का पुत्र मोहित (22) नोएडा की प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। साथ-साथ वह पढ़ाई करता था। वह इस बार बीएसी फाइनल का छात्र था। सोमवार को दोस्तों के साथ जेवर पब्लिक स्कूल में क्रिकेट खेलने चला गया। बॉलिंग करने के दौरान अचानक मोहित की छाती में दर्द उठा और जमीन पर गिर गया। साथी खिलाड़ी तत्काल उसे जेवर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सको ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोहित की मां का करीब आठ साल पूर्व बीमारी के कारण निधन हो गया था।
 
आमने-सामने से बाइक टकराई, दो की मौत
कस्बे के मोहल्ला सरायनैन सिंह निवासी तम्बाकू कारोबारी सोहन लाल तायल का पुत्र खेमचंद (42) अपनी पत्नी संगीता तायल (40) व पुत्र तन्मय (7) के साथ मंगलवार को मोटरसाइकिल से अपनी सुसराल नौहझील जा रहा था। बाजना के समीप सामने से आ रही बाइक टकरा गई। इसमें खेमचन्द तायल और दूसरे बाइक सवार की मौत हो गयी। खेमचन्द की पत्नी संगीता व पुत्र भी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जेवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है।  

चिता जलाने के लिये करना पड़ा इंतजार 
कस्बे के श्मशान घाट पर अपनों का दाह सस्ंकार करने पहुंचे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। जिन चिताओं को पहले जलाया जा चुका था, उनकी आग भी ठंडी नही पड़ी थी। इससे लोगों को अपनों का दाह संस्कार करने के लिए इंतजार करना पड़ा।