नोएडा से गिरफ्तार किसान शुक्रवार तक रिहा नहीं हुए तो जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

Updated Feb 13, 2020 21:57:02 IST | Tricity Today Chief Correspondent

जेल में बंद किसानों की रिहाई की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सेकड़ों किसान लुकसर जेल में बंद किसानों से मिलने पहुंचे। किसानों की बगैर शर्त रिहाई नहीं करने पर किसानों ने जेल भरों आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने कहा, दोनों अथॉरिटी के अधिकारियों के नाती-रिश्तेदार एनजीओ चला रहे हैं। इनकी जांच की जाए।

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जेल में बंद किसानों की रिहाई की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सेकड़ों किसान लुकसर जेल में बंद किसानों से मिलने पहुंचे। किसानों की बगैर शर्त रिहाई नहीं करने पर किसानों ने जेल भरों आंदोलन की चेतावनी दी है। किसानों ने कहा, दोनों अथॉरिटी के अधिकारियों के नाती-रिश्तेदार एनजीओ चला रहे हैं। इनकी जांच की जाए।

अखिल भारतीय किसान सभा गौतम बुद्ध नगर के जिला संयोजक वीर सिंह नागर, सह संयोजक वीर सिंह इंजीनियर, जिला अध्यक्ष नरेंद्र भाटी और जिला प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा के नेतृत्व में सेकडों की संख्या में किसान लुकसर जेल में बंद किसानों से मिलने पहुंचे। जेल में बंद किसानों को पूरी तरह से सर्मथन दिए जाने का वादा किया। इसके बाद सभी किसान नोएडा सेक्टर-6 स्थित नोएडा अथॉरिटी दफ्तर पर चल रहे धरने में शामिल हुए।

किसान सभा के जिला प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा ने बताया कि यूपी में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है तब से  नोएडा-ग्रेनो में किसानों पर अत्याचार हो रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी किसानों की जमीनों को जबरन लेकर बिल्डरों को अलॉट करने में लगी है। किसान जब अपना हक मांगने के लिए अथॉरिटी दफ्तर पर जाते हैं उन पर लार्ठी भांजी जाती हैं। उनको गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा  अथॉरिटी के सीईओ किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करते हैं।

किसानों ने कहा, हम 10 प्रतिशत आबादी के विकसित प्लॉट मांगते हैं तो धमकाया जाता है। ग्रेनो अथॉरिटी ने तो किसानों को दी जाने वाले 10 प्रतिशत आबादी के प्लॉट को भी देना बंद कर दिया है। इस बात का प्रस्ताव अथॉरिटी बोर्ड बैठक में पास करवा चुकी है। उन्होंने कहा कि लुकसर जेल में बेगुनाह किसानों को शुक्रवार तक रिहाई नहीं की गई तो किसान जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।

किसानों ने कहा कि अथॉरिटी अधिकारियों ने अपने बेटा-बेटी, नाती और रिश्तेदारों के नाम से एनजीओ बना रखे हैं। उन एनजीओ को अथॉरिटी के जरिए दोनों अथॉरिटी लाभ पहुंचाने में लगे हैं। इन एनजीओ का किसान जल्दी ही भंडाफोड़ करेगे। दोनों अथॉरिटी के अधिकारी बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी सरकार में तैनात रहे अधिकारियों की तरह अथॉरिटी से मोटी कमाई करने में लगे हैं। किसानों की पूरी तरह से उपेक्षा की जा रही है।

प्रदर्शन में किसान सभा के उपाध्यक्ष ब्रह्मपाल सूबेदार, वीरसेन नागर, ब्रह्म सिंह नागर, महासचिव हरेंद्र खारी, सचिव संदीप भाटी, अजीत पाल, प्रदीप जुनपत, किसान सभा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र भाटी, उपाध्यक्ष वीरसेन नागर समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।