बड़ी खबर : 5, 10 और 100 रुपये के नोट से जुड़ी अहम जानकारी, जल्दी ही चलन से बाहर हो सकते हैं, जानें क्यों

5, 10 और 100 रुपये के नोट से जुड़ी अहम जानकारी, जल्दी ही चलन से बाहर हो सकते हैं, जानें क्यों

Tricity Today | 10 रुपये का नोट

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दी गई एक जानकारी ने नोटबंदी की यादें फिर से ताजा कर दी हैं। आरबीआई के असिस्टेंट जनरल मैनेजर बी महेश ने 5, 10 और 100 रुपये के नोटों के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आगामी मार्च-अप्रैल तक 5, 10 और 100 रुपये के पुराने नोट वापस लिए जा सकते हैं। हालांकि अभी इस बारे में विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस पर सहमति बनने के बाद जल्दी ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। पर इस बार नोटबंदी जैसे हालात नहीं रहेंगे। इन नोटों को बैंक क्रमवार तरीके से रिजर्व बैंक आफ इंडिया को जमा कराते रहेंगे। इससे आम लोगों पर करेंसी बदलने का दबाव नहीं रहेगा। 

100 रुपये के नोट वापस लिए जाएंगे
बताते चलें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया समय-समय पर नकली नोटों के खतरे को टालने के लिए पुरानी सीरीज के नोटों को वापस लेता रहता है। निर्धारित समय के दौरान बैंक इन पुरानी सीरीज के नोटों को रिजर्व बैंक में जमा करा देते हैं। रिजर्व बैंक उसके बदले बैंकों को नई करेंसी उपलब्ध करा देता है। फिर नई करेंसी सर्कुलेशन में आ जाती है। इस प्रक्रिया में आम लोगों को परेशानी नहीं होती है।

100 रुपये की पुरानी करेंसी भी जारी रहेगी 
बताते चलें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सिर्फ 2 साल पहले ही 100 रुपये का नया नोट जारी किया था। नए नोट पर गहरे बैंगनी रंग की छाप है और इस पर ऐतिहासिक स्थल रानी की वाव (Rani ki Vav) प्रिंट की गई है। इसे रानी की बावड़ी (Rani ki Bawdi) भी कहा जाता है। यह गुजरात के पाटन जिले में स्थित यूनेस्को (UNESCO) की विश्व विरासत सूची में शामिल एक पर्यटन स्थल है। 

साल 2014 में यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया था। यूनेस्को की वेबसाइट पर इस स्थल के बारे में जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक रानी की वाव सरस्वती (Saraswati) नदी से जुड़ी है। इसीलिए यूनेस्को ने इसे बावड़ियों की रानी का खिताब दिया है। एजीएम बी महेश ने कहा कि नए नोट जारी होने के बावजूद 100 रुपये के पुराने नोट भी चलते रहेंगे। उनकी वैधता बनी रहेगी। लोगों को भ्रमित होने की जरूरत नहीं है। 

10 रुपये के सिक्कों का भंडार जमा हो गया है
बताते चलें कि रिजर्व बैंक द्वारा जारी 10 रुपये के सिक्के केंद्रीय बैंक के लिए मुसीबत बन गए हैं। करीब 15 साल पहले 10 रुपये का नया सिक्का जारी किया गया था। पर 15 साल बाद भी नए सिक्के को लेकर बनी भ्रांतियां दूर नहीं की जा सकती हैं। ज्यादातर दुकानदार और कारोबारी 10 रुपये के सिक्के को लेने से इनकार कर देते हैं। इन सिक्कों की वैधता को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं। इस वजह से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास 10 रुपये के नए सिक्कों का भंडार जमा हो गया है। 

आरबीआई के एजीएम बी महेश ने कहा कि 10 रुपये के नए सिक्कों के बारे में आम जनता को जागरूक करने की जरूरत है। इसमें बैंक अहम किरदार निभा सकते हैं। साथ ही आम लोग भी नए सिक्कों के बारे में अफवाहों पर ध्यान ना दे कर इसे प्रचलन में बनाए रख सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 10 रुपये के सिक्के बंद करने जैसी किसी योजना पर काम नहीं कर रहा है। ये सिक्के ऐसे ऐसे ही चलते रहेंगे।

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