अब न्यूयॉर्क में सुनाई जाएगी जेवर एयरपोर्ट की सफलता की दास्तान

Updated Mar 06, 2020 17:57:44 IST | TriCity Today Chief Correspondent

ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की सफलता की कहानी अब न्यूयॉर्क में सुनाई जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को बाकायदा अमेरिका से बुलावा...

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प्रतीकात्मक फोटो

ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की सफलता की कहानी अब न्यूयॉर्क में सुनाई जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार को बाकायदा अमेरिका से बुलावा आया है। दरअसल, जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण को वर्ष 2020 के लिए दुनिया के 100 रणनीतिक ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। पूरी दुनिया में एविशन के क्षेत्र से केवल उत्तर प्रदेश (भारत) और यूगोस्लाविया को चुना गया है। सीजी एलए इन्फ्रास्ट्रक्चर की सूची में इसे मान्यता दी गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में 25 से 27 मार्च तक होने वाले 13वें ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप फोरम में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से जेवर एयरपोर्ट की सफलता की कहानी पेश की जाएगी। इसके लिए फोरम ने उत्तर प्रदेश सरकार को निमंत्रण भेजा है। दुनिया की तमाम कंपनियां जेवर एयरपोर्ट के आसपास निवेश करने की लाइन में हैं।

न्यूयॉर्क में होने वाले इस कार्यक्रम में दो सेशन में यूपी सरकार को अपना प्रेजेंटेशन देना है। जिसमें करीब 20 वर्षों से अधर में लटके जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को कैसे महज ढाई वर्ष में जमीन लाया गया, यह कामयाबी की कहानी सुनाई जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार के लिहाज से यह बड़ी उपलब्धि है।

गौतमबुद्ध नगर में जेवर तहसील के 6 गांवों रोही, पारोही, किशोरपुर, दयानतपुर, रनहेरा और बनवारीवास की 1,334 हेक्टेयर जमीन का जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए पहले चरण में अधिग्रहण किया गया है। यह एयरपोर्ट एशिया का दूसरा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी इसका निर्माण करेगी। एयरपोर्ट के पास एक शहर बसाया जाएगा। जिसमें घर, दफ्तर और बाजार सभी आसपास होंगे।

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा. अरुणवीर सिंह ने बताया कि क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी की थीम पर बसने वाले इस शहर में यूरोपीय देशों का प्रभाव दिखेगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चीन को पछाड़कर एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट (जेवर) बना रही है। इस परियोजना का निर्माा पूरा होने के बाद यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। रोजगार और व्यापार तो बढ़ेगा ही निवेशक भी उत्तर प्रदेश की ओर रूख करेंगे।

एयरपोर्ट के लिए किसानों को सहमत करने वाले जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने कहा, जेवर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही औद्योगिक विकास को नए मुकाम पर पहुंचाएगा। 30 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से महज एक दशक में हमारी सरकार को 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय होने का अनुमान है। एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा।

जेवर एयरपोर्ट के लिए 29 नवम्बर 2019 को फाइनांशियल बिड्स खोली गई थीं। ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने सबसे ज्यादा 400.97 रुपये प्रति यात्री राजस्व भुगतान करने का वादा करके टेंडर हासिल किया है। उत्तर प्रदेश में बनने वाला यह एयरपोर्ट दुनिया का 5वां सबसे बड़ा होगा। ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में 5000 हेक्टेयर (7,200 एकड़) क्षेत्रफल में प्रस्तावित इस एयरपोर्ट पर तेजी से काम चल रहा है। प्रस्ताव के अनुसार 2022-23 में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का संचालन भी शुरू हो जाएगा।

अभी चीन के शंघाई प्रांत का इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट है। शंघाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 3,988 हेक्टेयर में फैला है। जबकि दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट सऊदी अरब में है। दामम का किंग फहाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 77,600 हेक्टेयर जमीन पर बना है। इसके बाद अमेरिका के डेंवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नंबर आता है। जो 13,571 हेक्टेयर जमीन पर बना है। 

तीसरे नंबर पर अमेरिका का ही डलास इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो 6,963 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है। चौथे और पांचवें नंबर पर अमेरिका के ही ओरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट और वाशिंगटन ड्यूलेस इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं, जो क्रमश: 5,383 और 4,856 हेक्टेयर जमीन पर बने हुए हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बनाने के लिए पिछली सरकारों के पास दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी थी। जिससे देश का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट पिछले 20 वर्षों से अधर में लटका पड़ा था। वर्ष 2017 में यूपी में महज 4 एयरपोर्ट थे और कुल 25 गंतव्य स्थान हवाई सेवाओं से जुड़े थे। योगी सरकार ने एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाते हुए 6 एयरपोर्ट चालू किए हैं, जिनसे 55 गंतव्य स्थानों के लिए हवाई सेवाएं उपलब्ध हो गई हैं। अभी उत्तर प्रदेश में 11 एयरपोर्ट का विकास कार्य चल रहा है। यही नहीं अयोध्या और श्रावस्ती में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार अलग से एयरपोर्ट बनाने जा रही है।

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