कानपुर पुलिस बैकफुट पर, अमर दुबे की पत्नी को रिहा करवाएगी

Updated Jul 12, 2020 18:50:58 IST | Rakesh Tyagi

विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया, लेकिन कानपुर पुलिस की मुसीबत अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस पूरे मामले को हैंडल...

कानपुर पुलिस बैकफुट पर, अमर दुबे की पत्नी को रिहा करवाएगी
Photo Credit:  Tricity Today
Amar Dubey
Key Highlights
शनिवार को मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल गुड्डन को लेकर हुई थी फजीहत
अमर दुबे की 29 जून को शादी हुई थी, पत्नी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं

विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया, लेकिन कानपुर पुलिस की मुसीबत अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस पूरे मामले को हैंडल करने में कानपुर पुलिस की तमाम खामियां खुलकर सामने आ रही हैं। जिसके बाद पुलिस को अपने फैसले पलटने पड़ रहे हैं। अब कानपुर पुलिस ने बैकफुट पर जाते हुए हमीरपुर में एसटीएफ के साथ एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी को रिहा करवाने का फैसला लिया है। दरअसल, अमर दुबे की पत्नी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। अमर दुबे और उसकी शादी हुई 29 जून को हुई थी। जिसके चलते पुलिस को पूरे राज्य में आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

अमर की पत्नी को रिहा पुलिस जेल से रिहा करवाएगी। कानपुर की पुलिस अब बैकफुट पर आई है। अमर की पत्नी को जबरन जेल भेजा था। एसएसपी ने पहले पत्नी को जेल भेजा था, अब किरकिरी हुई तो पुलिस उसे रिहा कराएगी। 29 जून को अमर दुबे की शादी हुई थी। अमर दुबे एनकाउंटर में मारा जा चुका है। अमर की पत्नी को पुलिस ने जेल भेजा था। उसे बिना जांच के पुलिस ने जेल भेज दिया था। पुलिस का कहना है कि सीआरपीसी 169 के तहत न्यायालय में रिपोर्ट भेजकर अमर दुबे की पत्नी को जेल से रिहा करवाया जाएगा।

दरअसल अमर दुबे और प्रकाश मिश्रा के एनकाउंटर को लेकर यूपी एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। इलाहाबाद बार एसोसिएशन समेत कई सामाजिक संगठनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी हैं। सोमवार से इन सारे मामलों पर अदालतों में सुनवाई शुरू हो सकती है। पुलिस के खिलाफ सबसे बड़ी समस्या अमर दुबे की पत्नी को जेल भेजना है। इसी तरह प्रकाश मिश्रा के खिलाफ भी पुराना कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। प्रकाश की उम्र महज 20 साल थी। उसने इसी साल 12वीं पास की थी। मिल रही जानकारी के मुताबिक विकास दुबे कानपुर से फरार होकर मैनपुरी में प्रकाश के घर ठहरा था। पुलिस ने इसी आधार पर प्रकाश को गिरफ्तार किया था। लेकिन उसे एनकाउंटर में मार दिया गया। अब इस मामले को लेकर पुलिस पर चारों ओर से दबाव बन रहा।

दूसरी ओर शनिवार को भी कानपुर पुलिस की एक बड़ी गलती सामने आई थी। विकास दुबे का गैंग मेंबर बताकर जिन 25 लोगों को मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल किया गया था, उनमें से एक गुड्डन त्रिवेदी को मुंबई में एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड ने गिरफ्तार कर लिया। मुंबई एटीएस की ओर से यह जानकारी सामने आने के बाद कानपुर पुलिस ने आनन-फानन में प्रेस विज्ञप्ति जारी की। जिसमें बताया गया कि गुड्डन त्रिवेदी का कानपुर एनकाउंटर से कोई लेना देना नहीं है। जिसके बाद सवाल उठा कि जब गुड्डन त्रिवेदी का कोई लेना देना इस पूरे मामले से नहीं था तो उसका नाम और फोटो 25 मोस्ट वांटेड की लिस्ट में कैसे पहुंच गया। इसका जवाब भी कानपुर पुलिस से देते नहीं बन रहा है। अब हर सवाल का एक ही जवाब कानपुर पुलिस दे रही है कि मामले में गहराई से जांच की जा रही है।

Vikas Dubey, Vikas Dubey Encounter, Kanpur Encounter, Amar Dubey, Kanpur Police, UP STF, UP Police, Uttar Pradesh News, Uttar Pradesh Police, Allahabad High Court, Supreme Court, CBI Inquiry