कोरोना वायरस से लॉक डाउन का एक पक्ष यह भी, साफ नीला आसमान और परिंदों की मौज

Updated Mar 25, 2020 22:35:52 IST | Mayank Tawer

कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन है। लोग घरों में बन्द हैं। जिसका एक पक्ष यह भी है कि दिल्ली-एनसीआर का आसमान खुला और नीला है। परिंदे मौज कर रहे हैं। जिन शहरों के दिन की शुरुआत वाहनों की भीड़, शोर और लम्बे ट्रैफिक जाम से शुरू होती थी, वहां अब पक्षियों का कलरव सुबह शाम सुनाई देता है। प्रदूषण का स्तर गिर...

Photo Credit:  Manish Tripathi
साफ नीला आसमान और परिंदों की मौज

कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन है। लोग घरों में बन्द हैं। जिसका एक पक्ष यह भी है कि दिल्ली-एनसीआर का आसमान खुला और नीला है। परिंदे मौज कर रहे हैं। जिन शहरों के दिन की शुरुआत वाहनों की भीड़, शोर और लम्बे ट्रैफिक जाम से शुरू होती थी, वहां अब पक्षियों का कलरव सुबह शाम सुनाई देता है। प्रदूषण का स्तर गिर गया है।

नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा को देश के ही नहीं दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है। कोरोना वायरस के कारण पिछले 3 दिनों से हुए लॉक डाउन ने इन तीनों शहरों में प्रदूषण का स्तर नीचे ला दिया है। बुधवार को गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स 864 था। वहीं ग्रेटर नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 88 था। जबकि नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 81 दर्ज किया गया है।

आपको बता दें कि इन तीनों शहरों में सामान्य दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 160 से 430 तक रहता है। ऐसे में घरों में बंद लोग कम से कम साफ-सुथरी हवा में सांस तो ले पा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन शहरों में होने वाले प्रदूषण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी हमारे वाहनों की ही है। हालांकि, टोटल लॉक डाउन के चलते वाहनों के साथ-साथ कल कारखाने और निर्माण गतिविधियां भी बंद पड़ी हुई हैं।