राम मंदिर शिलान्यास के लाइव का विरोध हिन्दुओं की आस्था पर चोट है

Updated Jul 31, 2020 12:04:50 IST | Rakesh Tyagi

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद, जिसमें हजारों निर्दोष मारे गये थे, उसको तीन दिन लगातार दूरदर्शन पर लाइव दिखाने...

राम मंदिर शिलान्यास के लाइव का विरोध हिन्दुओं की आस्था पर चोट है
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राम मंदिर

1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद, जिसमें हजारों निर्दोष मारे गये थे, उसको तीन दिन लगातार दूरदर्शन पर लाइव दिखाने वाले आज श्री राम मन्दिर के शिलान्यास को दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण का विरोध कर हिन्दुओं की आस्था पर चोट कर रहे हैं। 

भाजपा के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य सरदार एसपी सिंह ने कहा कि 5 अगस्त का दिन भारत के करोड़ों देशवासियों के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। जब 500 वर्षों के इंतजार के बाद श्री राम मन्दिर का शिलान्यास व निर्माण सम्भव हो पा रहा है। यह सब संत समाज व देश के अन्य प्रमुखों के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी की गरिमापूर्ण उपस्थिति में होगा। 

एसपी सिंह ने कहा कि दूरदर्शन ने इस ऐतिहासिक पल को सभी देशवासियों को दिखाने के लिए इसका लाइव प्रसारण का निर्णय लिया है। सभी देशवासियों को इसका स्वागत करते हुए इसको लाइव देखने व इसका साक्षी बनने की अपील भी एसपी सिंह ने की है। लेकिन कुछ दलों को और राजनीतिज्ञों को यह ऐतिहासिक पल हजम नहीं हो रहा है। वे इसके लाइव का विरोध करके हिन्दू समाज की आस्थाओं पर चोट कर रहें हैं। आजाद भारत में 70 वर्षों से ऐसे लोगों की वजह से ही अटका हुआ था। जिसको केंद्र सरकार व माननीय न्यायालय ने जनहित में उचित निर्णय लेकर सभी बाधाओं को दूर किया है। 

उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां सभी धर्मों को पूजा पद्धति का समान अधिकार है। श्री राम मन्दिर निर्माण से देश में साम्प्रदायिक सद्भावना बढ़ेगी। इसमे किसी भी तरह का विरोध राष्ट्रद्रोह माना जाना चाहिए। श्री सिंह ने केंद्र सरकार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम शिक्षा मन्त्रालय करने और नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए भी बधाई दी है।
 

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