गौतमबुद्ध नगर में कामयाब हुई पुलिस कमिश्नरी, डकैती, लूट और रेप जैसी वारदात घटीं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

गौतमबुद्ध नगर में कामयाब हुई पुलिस कमिश्नरी, डकैती, लूट और रेप जैसी वारदात घटीं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

गौतमबुद्ध नगर में कामयाब हुई पुलिस कमिश्नरी, डकैती, लूट और रेप जैसी वारदात घटीं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Tricity Today | Alok Singh IPS

पुलिस कमिश्नरी सिस्टम ने 6 माह में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैंgangaअपराध नियंत्रण के लिए सख्त उपाय और स्मार्ट पुलिसिंग शुरू की गईgangaगैंगस्टर अधिनियम के तहत 13 करोड़ से अधिक की संपत्ति की गई कुर्कgangaमहिला सुरक्षा के लिए सभी थानों में की गई महिला सुरक्षा इकाई की स्थापनाgangaकोविड लाकडाउन के दौरान गरीब, जरूरतमंदों, श्रमिकों की मदद कीgangaकोविड प्रतिबंधों के मद्देनजर कमिश्नरेट में वर्चुअल मीटिंग सिस्टम शुरू

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट और एफिशिएंट पुलिसिंग के लिए महत्वकांक्षी योजना कमिश्नरेट सिस्टम गौतम बुध नगर में कामयाब साबित हुआ है। जिले में इस व्यवस्था को लागू हुए 6 माह पूरे हो गए हैं। जिसके मद्देनजर पुलिस कमिश्नरेट ने मंगलवार की रात पिछले 6 महीनों के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों और क्राइम कंट्रोल से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए हैं। जिनसे पता चलता है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे जिले में डकैती, लूट, रेप और चोरी जैसी जघन्य वारदात काफी कम हुई हैं।

गौतमबुद्ध नगर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू हुए मुश्किल से छह महीने हैं। इसके बावजूद लूट, डकैती, चोरी, तोड़फोड़ या महिला सुरक्षा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। पिछले 180 दिनों में नई प्रणाली ने जिले में अपराध को नियंत्रित करने में 65 प्रतिशत सफलता हासिल की है। आंकड़ों से पता चलता है कि नई प्रणाली डकैती के मामलों को आधा करने में कामयाब रही है। लूट की वारदातें 109%, वाहन चोरी 172%, फिरौती 100% और बलात्कार 157% कम हुई हैं। वर्ष 2019 और 2020 में समान अवधि के दौरान अपराध के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर यह परिणाम आए हैं।

गैंगस्टर और माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की गई

पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि 13 करोड़ रुपये की सम्पत्तियां गौतम बुध नगर में गैंगस्टर्स की जब्त की गई है। इनमें सुंदर भाटी, सुमित नागर, चंद्रपाल प्रधान आदि जैसे अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने के लिए सख्त कार्रवाई की गई है।

निगरानी बढ़ाने के लिए तकनीक का सहारा लिया

पुलिस ने निगरानी बढ़ाने, हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाने, सिंगल विंडो शिकायतों की री-ड्रेस प्रणाली लागू की और प्रमुख क्षेत्रों में पैदल गश्त बढ़ाकर गौतमबुद्ध नगर को स्मार्ट सिटी में बदलने की दिशा में भी काम किया है।

महिला सुरक्षा की दिशा में पुलिस ने बड़ी पहल की

महिला सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। महिलाओं के लिए जिले के हर पुलिस स्टेशन में अलग ब्रांच स्थापित की गई हैं। महिलाओं के मामलों की सुनवाई और समाधान महिला पुलिस अधिकारी ही करेंगी। गौतम बुध नगर पुलिस की यह शाखा घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, बलात्कार आदि जैसे महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपट रही है। इसके अलावा पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाए। महिला चौपाल लगाई हैं। मलिन बस्तियों, स्कूलों, कॉलेजों और हाउसिंग सोसायटी में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें ऐसे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने का सुझाव दिया है।

COVID महामारी के दौरान जनता का दिल जीता

कोरोना वायरस के कारण फैली महामारी के दौरान गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जरूरतमंदों, गरीबों, बुजुर्गों और अन्य लोगों की मदद की। सुरक्षा और राहत सामग्री के साथ पुलिस कर्मी जिले में चौबीसों घंटे ड्यूटी कर रहे थे। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को ज्यादा समस्या का सामना न करना पड़े। भोजन, आवश्यक वस्तुएं, दवाइयां उपलब्ध कराने से लेकर बुजुर्गों और अन्य लोगों के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तक का काम पुलिस ने किया है। पुलिस ने एक फूड बैंक बनाया। जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाने, जरूरी सामान और दवाएं पहुंचाने के लिए पुलिस वैन का इस्तेमाल किया। पुलिस ने हर दिन COVID महामारी के दौरान जरूरतमंदों को 1500 भोजन के पैकेट वितरित किए।

महिलाओं से जुड़े कई गंभीर मसले सुलझाए गए

इन समयों के दौरान घरेलू हिंसा के मामलों में वृद्धि हुई थी। इसलिए पुलिस ने शारदा विश्वविद्यालय का समर्थन लिया और एक परिवार विवाद समाधान क्लिनिक बनाया है। जहां महिलाओं को मनोचिकित्सकों, नैदानिक ​​मनोवैज्ञानिकों और कानूनी परामर्शदाताओं की सेवाएं प्रदान की गई हैं। पुलिस ने उन मामलों में भी हस्तक्षेप किया जहां कुछ पोर्न साइटों पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करके महिलाओं को ब्लैकमेल किया जा रहा था।

संक्रमण से बचाव के लिए वर्चुअल मीटिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया

विभाग ने शिकायतों और अधिकारियों के बीच आभासी बैठकों का प्रावधान शुरू किया है। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मामलों को त्वरित समय के भीतर हल किया जाए। मामले के सुचारू प्रसंस्करण के लिए दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने का प्रावधान है। गौतम बुध नगर पुलिस शिकायतों को दर्ज करने के लिए एक ऑनलाइन व्यवस्था तैयार कर रहा है। जिससे लोगों को व्यक्तिगत रुप से थाने में जाकर शिकायत देने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।

पुलिस कर्मियों की अपनी सुरक्षा पर जोर दिया

विभाग ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पीपीई किट, दस्ताने, सैनिटाइजर, बोतलबंद पानी, खाने के पैकेट, विटामिन-सी जैसी दवाएं, हाइड्रॉक्साइकोक्लेरक्वीन मुहैया कराई। पुलिस लाइनों में उम्रदराज कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए गए। जबकि पुलिस कॉलोनियों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं।

साइबर सेल को और मजबूत किया गया है

नोएडा और ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध से सर्वाधिक प्रभावित शहर हैं। ऐसे में यहां साइबर सेल का मजबूत और सक्रिय होना बेहद जरूरी है। पुलिस ने साइबर सेल को सक्रिय किया है। ऐसे अपराधियों की पहचान की, जो नौकरी दिलाने, फर्जी चालान, लैपटॉप, मोबाइल आदि के नाम पर लोगों को ठग रहे थे। ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।

गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने कहा, "छह महीने कम समय है। लेकिन प्रणाली में जो दक्षता आई है, वह यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है कि पुलिस विभाग की मंशा और क्षमता अच्छी है। शहर अपने हर कानून का पालन करने वाले नागरिक के लिए सुरक्षित है। "उन्होंने आगे कहा, "मैं जिले के लोगों को आश्वासन देता हूं की पुलिस उनकी हर संभव मदद करने के लिए चौबीसों घंटे तैयार है। महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों को लेकर हमने एक विशेष योजना तैयार की है। जिसके बहुत अच्छे परिणाम निकट भविष्य में दिखाई देंगे। हम परंपरागत व्यवस्था के सापेक्ष स्मार्ट पुलिसिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।"

ट्राईसिटी टुडे के सर्वे में 81 फीसदी लोगों ने समर्थन दिया

गौतम बुध नगर पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को लेकर ट्राइसिटी टुडे ने पिछले सप्ताह एक सर्वे किया था। जिसमें गौतम बुध नगर जिले के करीब 5000 लोग शामिल हुए थे। इनमें से 81 फ़ीसदी लोगों ने पुलिस कमिश्नर व्यवस्था को शहर के लिए उपयोगी और कामयाब बताया था। आम आदमी के साथ-साथ गौतम बुध नगर के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, आईटी प्रोफेशनल्स, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और नौकरशाहों ने भी पुलिस कमिश्नरेट को शहर के विकास के लिए जरूरी बताया था।

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