EXCLUSIVE : राहुल गांधी ने हाथरस जाने से पहले किया बड़ा खुलासा, वजह बताई कि क्यों पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं

EXCLUSIVE : राहुल गांधी ने हाथरस जाने से पहले किया बड़ा खुलासा, वजह बताई कि क्यों पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं

Tricity Today | राहुल गांधी ने हाथरस जाने से पहले किया बड़ा खुलासा, वजह बताई कि क्यों पीड़ित परिवार से मिलना चाहते हैं

Hathras Gang Rape Case : कांग्रेस के नेता Rahul Gandhi ने हाथरस के लिए निकलने से ठीक पहले कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम से वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान राहुल गांधी ने अपनी टीम को बताया कि वह आखिर हाथरस क्यों जानना चाहते हैं। क्या वजह है कि वह पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। जबकि, गुरुवार को उन्हें गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ग्रेटर नोएडा से वापस भेज दिया था। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर आज उन्हें मिलने नहीं जाने दिया गया तो वह 3 दिन बाद फिर हाथरस जाने की कोशिश करेंगे और तब तक हाथरस जाने के लिए प्रयास करते रहेंगे, जब तक उनकी पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं हो जाएगी। करीब एक घंटे चली इस बैठक के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया टीम के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया टीम को बताया कि जब उनके पिताजी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बम ब्लास्ट में मौत हो गई थी तो शरीर टुकड़ों में बिखर गया था। घटनास्थल से दिल्ली तक उनके शरीर को लाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी मशक्कत की थी, लेकिन पूरी बॉडी डीकंपोज हो चुकी थी। जिसके कारण मैं अपने पिताजी को अंतिम समय में देख भी नहीं सका था। यही वजह है कि मैं हाथरस के पीड़ित परिवार का दर्द समझ सकता हूं। मैं यह समझ सकता हूं कि उनके ऊपर अपनी बेटी को खोकर क्या बीत रही होगी। अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का ढंग से अवसर नहीं मिलने के कारण उन्हें कितना सदमा लगा होगा।

राहुल गांधी ने कहा, "मैं गुरुवार को हाथरस जाना चाहता था। मुझे पुलिस ने नहीं जाने दिया। ग्रेटर नोएडा से वापस भेज दिया गया। आज फिर जाने की कोशिश करूंगा। अगर पुलिस नहीं जाने देगी तो मैं लगातार कोशिश करता रहूंगा। पंजाब से लौटने के बाद फिर दोबारा हाथरस जाऊंगा।" राहुल गांधी ने कहा, "मेरी यह कोशिश तब तक जारी रहेगी, जब तक कि मैं उस पीड़ित परिवार से मुलाकात नहीं कर लूंगा।" इसके अलावा राहुल गांधी ने सोशल मीडिया टीम को बताया कि हम लोग शिव के भक्त हैं। हमें तपस्या करनी होगी। किसान बिलों और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लंबा संघर्ष करना पड़ेगा। इसके लिए हम सभी लोगों को तैयार रहना चाहिए। रोहन गुप्ता, नबाम तुकी पूर्व मुख्यमंत्री, अभिषेक अर्जुन, गौरव पांधी, विजय दकोनिया, सरल पटेल, पद्मा रानी, अमरजीत सिंह, हसीबा अमीन, सुचिता और रुचिरा चतुर्वेदी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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