लीज बैक घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने प्राधिकरण से मांगी फाइलें और दस्तावेज

Updated Jan 09, 2020 21:57:25 IST | Tricity Today Reporter

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लीज बैक मामलों की जांच के लिए गुरुवार को एसआईटी की बैठक हुई। यमुना प्राधिकरण में हुई बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण अफसरों से मामले से संबंधित पूरी जानकारी लाने के लिए कहा गया ताकि अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। अब इसकी बैठक 20 जनवरी को होगी।

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Yamuna Authority

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के लीज बैक मामलों की जांच के लिए गुरुवार को एसआईटी की बैठक हुई। यमुना प्राधिकरण में हुई बैठक में ग्रेनो प्राधिकरण अफसरों से मामले से संबंधित पूरी जानकारी लाने के लिए कहा गया ताकि अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके। अब इसकी बैठक 20 जनवरी को होगी।

यमुना प्राधिकरण में गुरुवार को लीजबैक मामले की जांच के लिए एसआईटी के अध्यक्ष डॉ. अरुणवीर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ, मुख्य विधि परामर्शी नोएडा प्राधिकरण, एडीएमएलए, महाप्रबंधक प्रॉजेक्ट यमुना प्राधिकरण, मुख्य वास्तुविद नियोजक नोएडा प्राधिकरण, ओएसडी आदि शामिल हुए। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अफसरों से कहा गया कि वह इस केस से संबंधित सभी जानकारी के साथ अगली बैठक में आएं। लीज बैक कब-कब हुई, किन-किन शर्तों पर की गई, किन-किन गांवों में लीज बैक हुई आदि जानकारी मांगी गई है। अब इसकी बैठक 20 जनवरी को होगी। बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के 42 गांवों के ढाई हजार लीज बैक के मामले हैं। कई नेता और रसूखदार लोगों ने नियमों से अधिक जमीन की लीज बैक करा ली। अब इन पर कार्रवाई हो सकती है। 

ऐसे शुरू हुई है जांच
ग्रेनो वेस्ट के बिसरख-जलालपुर गांव में हुई जमीन लीजबैक के मामले की जांच शासन के निर्देश पर यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने की थी। इसमें मुंबई के लोगों ने 40 से अधिक बीघा जमीन पर पुरानी आबादी दिखाकर उसे लीजबैक करा ली थी। जांच में सीईओ ने मामले को फर्जी मानते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इस मामले में बिसरख कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद शासन ने ग्रेटर नोएडा में जितने भी लीजबैक से संबंधित मामले हैं, सभी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।