खुशखबरी: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनेगा शहर का सबसे बड़ा पार्क

Updated Feb 25, 2020 20:13:39 IST | Mayank Tawer

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए अच्छी खबर है। यहां सेक्टर टेक जोन-4 में ला रेसीडेंसिया हाउसिंग और पटेल निओ टाउन प्रोजेक्ट के बीच में प्लॉट खाली पड़ा है। जिसमें पिछले कई सालों से मलबा फेंका जा रहा है। यहां पर गंदगी और मलबे के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जिससे आसपास की सोसाइटियों स्प्रिंग मेडोज, ला रेसीडेंसिया, निराला एस्टेट और पटेल निओ टाउन में रहने वाले निवासियों को बीमारियां होने की आशंका...

Photo Credit:  Tricity Today
एक मूर्ति चौक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए अच्छी खबर है। यहां सेक्टर टेक जोन-4 में ला रेसीडेंसिया हाउसिंग और पटेल निओ टाउन प्रोजेक्ट के बीच में प्लॉट खाली पड़ा है। जिसमें पिछले कई सालों से मलबा फेंका जा रहा है। यहां पर गंदगी और मलबे के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जिससे आसपास की सोसाइटियों स्प्रिंग मेडोज, ला रेसीडेंसिया, निराला एस्टेट और पटेल निओ टाउन में रहने वाले निवासियों को बीमारियां होने की आशंका सताती है। अब इस भूखंड पर यहां के सबसे बड़ा पार्क विकसित करने की योजना पर प्राधिकरण काम कर रहा है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों का कहना है कि इस खाली प्लॉट के साथ ही सड़क के किनारे अवैध दुकानें भी लगती हैं। जिससे वहां पर कई असामाजिक लोग नजर आते हैं। शहर के निवासी सड़कों पर लूटपाट के खतरों से परेशान हैं। निवासियों की शिकायत पर मंगलवार को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर जायज़ा लेने पहुंचे और तत्काल सफाई शुरू करवाई गई है।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा, सभी अवैध दुकानदारों को दो दिनों में हटा दिया जाएगा। मौके पर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ नेफोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार और उपाध्यक्ष सुमित बैसोया मौजूद रहे। इस खाली भूखंड पर शहर का सबसे बड़ा पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए नेफोवा की ओर से विकास प्राधिकरण को एक प्रस्ताव दिया है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि पार्क विकसित करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

स्प्रिंग मिडोज के निवासी विकास कटियार का कहना है कि इस मुद्दे पर पहले भी कई बार शिकायत की गई हैं। इस डम्पिंग एरिया की वजह से आसपास की सोसाययटी के लोग डेंगू जैसी बीमारियों से परेशान हैं। यहां पर चैन स्नेचिंग जैसी घटनायें भी होती रहती हैं। उम्मीद है कि प्राधिकरण इस खाली जगह को जल्द से जल्द ग्रीन एरिया में परिवर्तित करेगी।