फिल्म सिटी का खाका खींचने के लिए 18 नवंबर को होगा मंथन, देश-दुनिया के विशेषज्ञ जुटेंगे

फिल्म सिटी का खाका खींचने के लिए 18 नवंबर को होगा मंथन, देश-दुनिया के विशेषज्ञ जुटेंगे

Tricity Today | Film City

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने (Yamuna Authority) ग्रेटर नोएडा फिल्म सिटी (Greater Noida Film City) का खाका खींचने के लिए दुनियाभर के विशेषज्ञों को आमंत्रित किया है। डिटेल्ड फिजबिलिटी रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए 18 नवंबर को प्री-बिड कांफ्रेंस होगी। यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में फिल्म सिटी बसाने की तैयारी चल रही है। पिछले महीने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेस वे पर फिल्म सिटी बसाने का ऐलान किया था।

यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में फिल्म सिटी बसाई जानी है। फिल्म सिटी की फिजबिलिटी रिपोर्ट डीपीआर बनाने के लिए यमुना प्राधिकरण ने आरएफपी निकाला है। इसको बनाने के लिए दुनियाभर से कोई भी कम्पनी आगे आ सकती है। इच्छुक कंपनियां प्री-बिड कांफ्रेंस में हिस्सा लेंगी। प्री-बिड कांफ्रेंस 18 नवंबर को होगी। इसके लिए कंपनियां 25 नवंबर तक आवेदन कर सकती हैं। यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि प्री-बिड कांफ्रेंस 18 नवंबर को 3 बजे से होगी। इसके लिए तैयारी पूरी हो गई है।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बनने वाली फिल्म सिटी भूखंडों को बेचने के बजाय सुविधाएं विकसित कर देने पर जोर रहेगा। यहां पर वे सारी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे फिल्म निर्माता यहां पर शूटिंग कर सकें। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाते समय इन बिंदुओं पर फोकस किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अगले 6 महीने में यहां पर काम शुरू हो जाएगा।

यीडा सिटी के सेक्टर-21 में 1 हजार एकड़ में फिल्म सिटी विकसित की जाएगी। इसमें से 780 एकड़ औद्योगिक उपयोग की है। फिल्म सिटी को मूर्त रूप देते समय नोएडा फिल्म सिटी की गलतियों का दोहराव नहीं होगा। यहां पर स्टूडियो व अन्य कामों के लिए भूखंड बेचने से अधिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा ताकि फिल्म निर्माता यहां पर आ सकें। म्यूजियम, कन्वेंशन सेंटर, तमाम तरह के स्ट्रक्चर, स्टूडियो आदि को विकसित किया जाएगा। इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि फिल्म सिटी का कुछ हिस्सा पीपीपी मॉडल पर भी विकसित किया जाए। हालांकि अभी इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि फिल्म सिटी के लिए प्रस्तावित साइट में 220 एकड़ जमीन व्यावसायिक उपयोग की है। इसमें तमाम तरह की व्यावसायिक गतिविधियां होंगी। इससे प्राधिकरण आमदनी होगी। उन्होंने बताया कि फिल्म सिटी में 60 से 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके अलावा 1 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि अगले छह महीने में यहां पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। डीपीआर बनने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

यमुना प्राधिकरण के इन सेक्टरों को भी फायदा मिलेगा

इस इंटरचेंज से फिल्म सिटी के अलावा कई और सेक्टरों को सीधे फायदा मिलेगा। प्राधिकरण के सबसे बड़े आवासीय सेक्टर 18 और 20 के लोग भी सीधे एक्सप्रेस वे जा सकेंगे। इन दोनों सेक्टरों में करीब 21 हजार आवंटी हैं। साथ ही सेक्टर-28 के आवंटियों को भी राहत मिलेगी। इन सेक्टरों के लोगों का आवागम आसान हो जाएगा।

इस पर करीब 70-80 करोड़ रुपये होंगे खर्च

इंटरचेंज बनाने में 70-80 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्राधिकरण का कहना है कि टेंडर एक हफ्ते में निकाल दिए जाएंगे। कंपनी का चयन होने के बाद जल्द काम शुरू कराया जाएगा। उम्मीद है कि छह महीने में यह इंटरचेंज बनकर तैयार हो जाएगा।

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ.अरुण वीर सिंह का कहना है कि इंफोटेनमेंट सिटी को सीधे यमुना एक्सप्रेस वे को जोड़ा जाएगा। इसके लिए सेक्टर-21 और सेक्टर-28 के बीच इंटरचेंज बनाया जाएगा। एक सप्ताह में टेंडर निकाल दिए जाएंगे। विकास प्राधिकरण करीब 70-80 करोड़ रुपए खर्च करके यह इंटरचेंज बनवाएगा। इंटरचेंज के पास ही सेक्टर-21 में 1,000 एकड़ जमीन इन्फोटेनमेंट सिटी के लिए रिजर्व कर दी गई है।

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