कोरोना वायरस से बचाने गांवों में पहुंचे विकास प्राधिकरण, रंग लाई Tricity Today की कोशिश

Updated Mar 23, 2020 22:03:07 IST | Anika Gupta

आपके पसंदीदा न्यूज पोर्टल ट्राई सिटी टुडे डाॅट काॅम  पर खबर चलने के बाद आखिरकार गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों ने सोमवार को गांवों में पहुंच...

Photo Credit:  Tricity Today
Tricity Today's attempt to save villages from Coronavirus came to fruition

आपके पसंदीदा न्यूज पोर्टल ट्राई सिटी टुडे डाॅट काॅम  पर खबर चलने के बाद आखिरकार गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों ने सोमवार को गांवों में पहुंच गए। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने गांवों में सेनिटाइजेशन और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। नोएडा पुलिस ने भी गांवों में जाकर ग्रामीणों को कोरोना वायरस के प्रति सचेत किया है।

ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की ओर से सोमवार को बताया गया है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए 100 टीम बनाई गई हैं। प्राधिकरण ने 45 सेक्टर प्रभारी बनाए हैं। टीम ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों के साथ-साथ गांवों में अभियान शुरू कर दिया है। गांवों में सेनेटाइजेशन और साफ-सफाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने अपने कार्यालय में वार रूम की स्थापना की है।

सीईओ नरेंद्र भूषण ने सोमवार को प्राधिकरण की 100 टीमों को गांवों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए भेजा है। ग्राम कुलेसरा, ऐमनाबाद, ऐच्छर, सुरजपुर, सादोपुर, जलपुरा, चिपियाना बुजुर्ग, ईटेहरा, खैरपुर गुर्जर, हल्दौनी, बिसरख, हबीबपुर, डाबरा, मिलक लच्छी, छोटी मिलक, खैरपुर, रिठौरी, रोजा याकुबपुर, रोजा जलालपुर, सैनी, सुनपुरा, वैदपुरा, सादुल्लापुर और रिच्छपालगढ़ी में अभियान चलाया गया। गांवों के बाजार, सार्वजनिक स्थलों, सामुदायिक केंद्रों, बारात घरों में सेनेटाइजेशन का काम किया गया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वाॅर रूम बनाया है। इसकी निगरानी जीएम वित्त एचपी वर्मा करेंगे। किसी भी समस्या के लिए मोबाइल नंबर 09415002292 और लैंड लाइन नंबर 0120-2336022 पर संपर्क किया जा सकता है।

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने भी सोमवार से गांवों में जागरूकता अभियान छेड़ दिया है। सीईओ डाॅ अरूणवीर सिंह ने बताया कि हमारे दायरे में 96 गांव हैं। अभी प्राधिकरण के किसी सेक्टर में कोई आवासीय गतिविधि शुरू नहीं हुई है। सोमवार को गांवों में फोगिंग करवाई गई है। ग्रामीणों को कोरोना वायरस से जागरूक करने के लिए 10 हजार बड़े आकार के पोस्टर छपवाए गए हैं। पोस्टर गांवों में लगवाए जा रहे हैं।

प्राधिकरण ने सोमवार को गांवों के लिए मिर्जापुर और मुरागढ़ी गांवों में नियत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। गांवों को सेनेटाइज करने के लिए योजना बना ली है। सभी 96 गांवों के लिए 19 टीमें गठित की हैं। पूरे क्षेत्र को आठ सेक्टर में बांट दिया है। गांवों में लोगों को जागरुक करने के लिए प्रबंधकों से लेकर लेखपाल तक की ड्यूटी लगा दी गई हैं। ये टीमें यह सर्वे करेंगी कि वहां विदेश या दूसरे शहर से कोई व्यक्ति तो नहीं आया है। क्षेत्र में दो कंट्रोल रूम बनाते हुए इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच शुरू करा दी गई है।

इस पूरे अभियान का नोडल अफसर विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र भाटिया को बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण कार्यालय में स्थापित सेल 24 घंटे काम करेगी। मिर्जापुर और मुरादगढ़ी में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इनमें सहायक प्रबंधक स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये टीमें गांवों में साफ-सफाई से लेकर कोरोना संक्रमण संबंधी सूचनाएं एकत्र करेंगे। पूरे क्षेत्र को आठ जोन में बांटा गया है। इसके लिए सेक्टर और जोनल अधिकारी तैनात किए गए हैं। इन्हें ग्रामीण क्षेत्र में सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीणों के शरीर का तापमान मापने के लिए यमुना प्राधिकरण ने कर्मचारियों को इंफ्रारेड थर्मोमीटर उपलब्ध करवाए हैं।

कर्मचारी गांव-गांव जाकर ग्रामीणों के शरीर का तापमान माप रहे हैं। जिन लोगों को बुखार, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत हैं, उन्हें प्राधिकरण और जिला प्रशासन की हेल्प लाइन पर संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है। COVID-19 (कोरोना) महामारी के दृष्टिगत यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण कार्यालय पर COVID-19 सैल स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा। जो यमुना प्राधिकरण के 96 ग्रामों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने हेतु सुचारू रूप से मानिटरिंग और आवश्यक कार्यवाही करेगा। जिसका हेल्पलाइन नंबर 01202395153 है।

नोएडा प्राधिकरण इस मामले में बेहतर काम कर रहा है। वहां पिछले कई दिनों से गांवों में धुलाई और सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। सोमवार को नोएडा पुलिस भी गांवों में पहुंची है। पुलिस ने चैड़ा रघुनाथपुर गांव में लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया है। लाॅक डाउन के बारे में जानकारी दी है।

गौरतलब है कि ट्राई सिटी टुडे डाॅट काॅम  ने रविवार को गांवों की हालत, ग्रामीणों में कोरोना वायरस के प्रति व्याप्त अंधविश्वास पर एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि किस तरह गांवों के लोग घरों के बाहर दीए जलाकर, दीवारों पर हल्दी के थापे लगाकर और घरों की चैखटों पर नीम की टहनियां लटकाकर रखी हैं। गांव की बुजुर्ग महिलाओं के बताए के टोने-टोटके लोग कर रहे हैं। दूसरी ओर विकास प्राधिकरण और जिम्मेदार अधिकारी गांवों की ओर नहीं जा रहे हैं। जबकि, गौतमबुद्ध नगर के गांव यूपी के बाकी जिलों के गांवों के मुकाबले कहीं अधिक संवेदनशील हैं। आप यह रिपोर्ट नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

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