BIG NEWS : लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने वाला यूपी पहला राज्य बना, कैबिनेट ने दी मंजूरी, 20 और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

BIG NEWS : लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने वाला यूपी पहला राज्य बना, कैबिनेट ने दी मंजूरी, 20 और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

Tricity Today | लव जिहाद के खिलाफ कानून पर यूपी कैबिनेट ने नहीं लगाई मुहर

यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को शादी के लिए धर्म परिवर्तन के खिलाफ प्रस्तावित कानून को मंजूरी दे दी है। लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने वाला यूपी पहला राज्य बन गया है। मंगलवार को कैबिनेट ने इस कानून को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा 20 और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। अब शादी के लिए किसी युवती का धर्म परिवर्तन करवाना कानूनन जुर्म होगा।

अब यूपी में अब धर्म छिपाकर शादी करना बड़ा जुर्म

अब उत्तर प्रदेश में अब धर्म छिपाकर शादी करना बड़ा जुर्म होगा। मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने लव जिहाद के खिलाफ कानून के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। ऐसा कानून बनाने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है। लव जिहाद पर 20 नवंबर को गृह विभाग ने न्याय और विधि विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इस प्रस्ताव के मुताबिक गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होगा और दोषी पाए जाने पर 5 साल की सख्त सजा होगी। 

लगातार हो रही घटनाओं पर सीएम ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर, बागपत और मेरठ समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में लगातार हो रही लव जिहाद की घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए गृह विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। अब इस रिपोर्ट को आधार बनाकर यह कानून बनाया गया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने लव जिहाद के खिलाफ कानून को मंजूरी दी है।

यूपी लॉ कमीशन ने पिछले सौंप दिया था ड्राफ्ट

यूपी लॉ कमीशन के मुखिया आदित्य नाथ मित्तल ने बताया कि भारतीय संविधान ने धार्मिक स्वतंत्रता दी है, लेकिन कुछ संस्थाएं इसका गलत इस्तेमाल कर रही हैं। धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को शादी, नौकरी, पैसे और लाइफ स्टाइल का लालच देती हैं। हमने इस मसले पर 2019 में ही राज्य सरकार को एक ड्राफ्ट सौंप दिया था। इसमें अब तक तीन बार बदलाव किए गए हैं। अब आखिरी बदलाव में सजा का प्रावधान जोड़ा है।

दायरे में धर्म परिवर्तन के लिए की जा रही शादियां

ड्राफ्ट के मुताबिक, शादी के लिए गलत नीयत से धर्म परिवर्तन या धर्म परिवर्तन के लिए की जा रही शादियां भी धर्मांतरण कानून के तहत आएंगी। अगर कोई किसी को धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देता है, तो वो भी इस नए कानून के दायरे में आएगा। धर्मांतरण के मामले में अगर माता-पिता, भाई-बहन या अन्य ब्लड रिलेशन कोई शिकायत करता है तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की शुरुआत की जा सकती है। धर्मांतरण के लिए दोषी पाए जाने पर एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा दी जा सकती है। शादी कराने वाले पंडित या मौलवी को उस धर्म का पूरा ज्ञान होना आवश्यक है।

ड्राफ्ट के मुताबिक, लव जिहाद जैसे मामलों में सहयोग करने वालों को भी मुख्य आरोपी बनाया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सजा होगी। शादी के लिए धर्मांतरण कराने वालों को भी सजा का प्रावधान है। अगर कोई अपनी मर्जी से शादी के लिए धर्म बदलना चाहता है तो उसे एक महीने पहले कलेक्टर को एप्लीकेशन देनी होगी। यह आवेदन अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट ने सोमवार को दिया था अहम फैसला

उत्तरप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की योगी सरकार की कोशिशों को झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धर्म बदलकर शादी करने के एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि किसी को भी अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला हो। यह उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूल तत्व है। दो लोग अगर राजी-खुशी से एक साथ रह रहे हैं तो इस पर किसी को आपत्ति लेने का हक नहीं है। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही योगी सरकार के लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारियों को झटका लग सकता है। यह आदेश जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने कुशीनगर के सलामत अंसारी और प्रियंका खरवार उर्फ ​​आलिया की याचिका पर दिया है।

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