नोएडा और ग्रेनो के 3 लाख फ्लैट खरीदारों को 1500 करोड़ रुपये का फटका, क्या बोले सांसद और डीएम

Updated Feb 15, 2020 20:11:03 IST | Tricity Today Chief Correspondent

नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए नई फीस शुक्रवार से लागू हो गई है। रजिस्ट्री की फीस बढ़ने का सबसे ज्यादा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही देखने को मिलेगा। इन दोनों शहरों के करीब 3 लाख फ्लैट खरीदारों पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इनमें ढाई लाख खरीदार ऐसे हैं, जो पिछले 10 वर्षों से अपने फ्लैट पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। इन पर 1250 करोड़ रुपये...

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प्रतीकात्मक फोटो

नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए नई फीस शुक्रवार से लागू हो गई है। रजिस्ट्री की फीस बढ़ने का सबसे ज्यादा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही देखने को मिलेगा। इन दोनों शहरों के करीब 3 लाख फ्लैट खरीदारों पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इनमें ढाई लाख खरीदार ऐसे हैं, जो पिछले 10 वर्षों से अपने फ्लैट पाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। इन पर 1250 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा।

इनके अलावा करीब 50 हजार खरीदार ऐसे हैं, जिनको रहने के लिए फ्लैट तो मिल गए लेकिन बिल्डर और विकास प्राधिकरण की लापरवाही के कारण रजिस्ट्री नहीं करवा सके हैं। इनमें से करीब 10 हजार खरीदार आम्रपाली बिल्डर की आवासीय योजनाओं में रह रहे हैं। इन खरीदारों को करीब 250 करोड़ रुपये अतिरिक्त देने होंगे। हालांकि, रजिस्ट्री की नई फीस का विरोध भी शुरू हो गया है।

अब तक क्या व्यवस्था थी
अभी तक कितनी भी महंगी संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए अधिकतम 20 हजार रुपए फीस देनी होती थी। 10 लाख रुपये तक कीमत वाली संपत्ति के लिए भी 20 हजार और इससे नीचे कीमत की संपत्ति वालों को कीमत का 2 प्रतिशत फीस देनी होती थी। अब संपत्ति की कीमत जो भी हो उस पर कीमत का एक प्रतिशत के हिसाब से रजिस्ट्री फीस देनी होगी। 

इसका खामियाजा नोएडा-ग्रेनो के करीब 3 लाख फ्लैट खरीदारों को भुगताना पड़ेगा। ऐसे में रजिस्ट्री की फीस बढ़ने से खरीदारों की परेशानियां बढ़ गई हैं। शुक्रवार से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के सभी सब रजिस्ट्रार कार्यालयों ने रजिस्ट्री की नई फीस लेनी शुरू कर दी गई है। गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया गया था। इस बारे में निबंधन विभाग के एआईजी एसके त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार से कीमत के हिसाब से एक प्रतिशत फीस लेनी शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को पर्ची पर 20 हजार की राशि काटकर नई राशि लिखकर स्टांप लगाकर दी गई। शनिवार तक सिस्टम में नई फीस अपडेट होगी।

अतिरिक्त भार को ऐसे समझें
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 20-30 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ और उससे महंगी कीमत के फ्लैट-विला हैं। फ्लैट की इन कीमत का औसतन रेट 70 लाख मान लेते हैं। अभी तक 70 लाख कीमत के फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए 20 हजार देने पड़ते थे। अब 70 हजार देने पड़ेंगे। ऐसे में हर खरीदार पर औसतन 50 हजार का अतिरिक्त भार पड़ेगा। 50 हजार को 3 लाख से गुणा करेंगे तो यह कीमत करीब 1500 करोड़ होगी।

25 साल पहले 251 रुपये फीस थी
वर्ष 1995 के आसपास रजिस्ट्री की अधिकतम फीस 251 रुपए होती थी। इसके बाद अधिकतम 5 हजार और फिर 10 हजार रुपए हो गई। वर्ष 2015 में अधिकतम 20 हजार रुपये फीस लागू की गई थी। फीस बढ़ोतरी का प्रस्ताव करीब एक साल पहले भी लाया गया था लेकिन, तब निबंधन विभाग के अधिकारियों ने इसे वापस लौटा दिया था। हालांकि, अब भी विभाग के अधिकारी इतनी अधिक बढ़ोतरी से सहमत नहीं हैं।

इस मसले पर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी बीएन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में कोई कमेंट नहीं करूंगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस फीस को यूपी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। लिहाजा, इससे जिला प्रशासन का कोई सरोकार नहीं है। हम इस मुद्दे पर कोई ओपिनियन नहीं दे सकते हैं। दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा बोले, शासन में बात करूंगा। फीस काफी महंगी हो गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के खरीदारों की दिक्कतों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और औद्योगिक विकास मंत्री सतशी महाना तक पहुंचकर मदद का प्रयास करूंगा।

इस मुद्दे पर फ्लैट ख़रीदारों की सबसे बड़ी संस्था नेफोवा ने विरोध जाहिर किया है। संस्था शुल्क बढ़ोतरी का विरोध करेगी। नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक का कहना है कि फीस बढ़ोत्तरी से आम आदमी की कमर टूट जाएगी। पहले से ही सरकार, प्राधिकरण और बिल्डर ने परेशान कर रखा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 40-50 लाख से कम कीमत के फ्लैट नहीं मिलते हैं। फीस बढ़ोतरी को वापस या कम करने की मांग को लेकर आंदोलन करेंगे।