GOOD NEWS: यमुना प्राधिकरण ने लॉकडाउन में भी करोड़ों कमाए, निकाली ये शानदार युक्ति

Updated May 14, 2020 04:40:36 IST | Rakesh Tyagi

यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जुटा हुआ है। लॉकडाउन के नियमों के तहत औद्योगिक भूखंडों के लिए आ चुके आवेदनों का निपटारा वीसी (वीडियो कांफ्रेंसिंग) के जरिये हो रहा है। अधिकारियों ने वीसी के जरिये आवेदकों से प्रजेंटेशन और साक्षात्कार लिया। इसके बाद बुधवार को तीन आवेदकों को भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। इससे 26.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साथ ही 941 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

Photo Credit:  Tricity Today
यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण
Key Highlights
यमुना प्राधिकरण पूरे भारत में अकेला ऐसा औद्योगिक विकास प्राधिकरण है, जो लॉकडाउन पीरियड के दौरान वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से भूखंडों का आवंटन कर रहा है।
यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना पर बहुत तेजी से काम कर रहा है। जिसका विकास प्राधिकरण को खासा लाभ मिल रहा है।
प्राधिकरण दो सप्ताह में 26 हजार वर्ग मीटर भूमि का आवंटन कर चुका है। आवेदनों का निपटारा वीसी (वीडियो कांफ्रेंसिंग) के जरिये हो रहा है। अधिकारियों ने वीसी के जरिये आवेदकों से प्रजेंटेशन और साक्षात्कार लिया।

यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जुटा हुआ है। लॉकडाउन के नियमों के तहत औद्योगिक भूखंडों के लिए आ चुके आवेदनों का निपटारा वीसी (वीडियो कांफ्रेंसिंग) के जरिये हो रहा है। अधिकारियों ने वीसी के जरिये आवेदकों से प्रजेंटेशन और साक्षात्कार लिया। इसके बाद बुधवार को तीन आवेदकों को भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। इससे 26.70 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साथ ही 941 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

यमुना प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति ने बुधवार को चार औद्योगिक भूखंडों के आवेदकों का साक्षात्कार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिया। साथ ही आवेदकों ने अपना प्रजेंटेशन दिया। साक्षात्कार में समिति के अन्य सदस्य अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, जीएम प्रोजेक्ट केके सिंह, जीएम वित्त विशंभर बाबू आदि मौजूद रहे।

आवेदकों ने पूर्व में निवेश मित्र के माध्यम से भूखंड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। प्राधिकरण ने मैसर्स क्लिफ्टन पैकिंग प्राइवेट लिमिटेड को 6 हजार वर्ग मीटर, मैसर्स पूजा प्रोसेर्स को 5 हजार वर्ग मीटर और मैसर्स एसपीएस फाइन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को 5 हजार वर्ग मीटर का भूखंड आवंटित किया है। एसईसी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि आवंटियों को आवंटन पत्र यूपी निवेश मित्र की वेबसाइट से मिल जाएंगे। वह वहां से डाउनलोड कर सकते हैं।

आपको बता दें कि पिछले सप्ताह भी यमुना प्राधिकरण ने दो औद्योगिक भूखंडों का आवंटन वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये किया था। पांच मई को प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ओसन कॉरपेट एंड फर्निसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इंट्रीग्रेटेड बैट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-33 में 5-5 हजार वर्ग मीटर जमीन आवंटित की थी। ओसन कॉरपेट एंड फर्निसिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 11.36 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 271 लोगों को रोजगार मिलेगा। जबकि, इंट्रीग्रेटेड बैट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड 16.10 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इससे 198 लोगों को रोजगार मिलेगा।

एक साल में 15 हजार करोड़ का निवेश मिला
यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना पर बहुत तेजी से काम कर रहा है। जिसका विकास प्राधिकरण को खासा लाभ मिल रहा है। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 1 वर्ष में प्राधिकरण ने 1500 भूखंडों का आवंटन किया है। जिनमें करीब 15,000 करोड रुपए का निवेश हुआ है। इन औद्योगिक परियोजनाओं से विकास प्राधिकरण क्षेत्र में ढाई लाख नए रोजगार ओं का सृजन होगा।

यमुना प्राधिकरण पूरे भारत में अकेला ऐसा औद्योगिक विकास प्राधिकरण है, जो लॉकडाउन पीरियड के दौरान वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से भूखंडों का आवंटन कर रहा है। प्राधिकरण दो सप्ताह में 26 हजार वर्ग मीटर भूमि का आवंटन कर चुका है।

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