BIG ACTION: यमुना प्राधिकरण ने सील किया बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट

Updated Feb 14, 2020 18:28:06 IST | Tricity Today Exclusive

जेपी समूह के स्पोट्र्स सिटी प्रोजेक्ट का आवंटन रद्द करने के बाद यमुना प्राधिकरण ने शुक्रवार को सील लगा दी। प्राधिकरण अफसरों की टीम मौके पर गई और सीलिंग की कार्रवाई की। इस प्रोजेक्ट में ही बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट...

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बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट

जेपी समूह के स्पोट्र्स सिटी प्रोजेक्ट का आवंटन रद्द करने के बाद यमुना प्राधिकरण ने शुक्रवार को सील लगा दी। प्राधिकरण अफसरों की टीम मौके पर गई और सीलिंग की कार्रवाई की। इस प्रोजेक्ट में ही बुद्धा इंटरनेशनल सर्किट है। 

यमुना प्राधिकरण ने जेपी समूह की कपंनी जेपी स्पोट्र्स इंटरनेशनल को स्पोट्र्स सिटी बसाने के लिए एक हजार हेक्टेयर जमीन का आवंटन किया था। पैसा नहीं जमा करने पर इसका आवंटन रद्द कर दिया था। शुक्रवार को प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह की अगुवाई वाली टीम ने इस प्रोजेक्ट को सील कर दिया। टीम ने कई जगह सीलिंग की। इसमें बुद्धा इंटरेनशनल सर्किट भी शामिल है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवी सिंह ने बताया कि आवंटन रद्द करने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई है।

2009-10 किया था जमीन का आवंटन
यमुना प्राधिकरण ने जेपी इंटरनेशनल स्पोट‘र्स कंपनी को स्पोट‘र्स सिटी बसाने के लिए 2009 में 1000 हेक्टेयर जमीन आवंटित की थी। जमीन का आवंटन एसडीजेड योजना के तहत किया गया था। जेपी ग्रुप को यहां फार्मूला वन रेसिंग ट्रैक, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, हॉकी स्टेडियम, फुटबाल स्टेडियम और अन्य खेलों के लिए इंटरनेशनल स्तर के स्टेडियम बनाने थे। कुल 35 फीसदी जमीन पर खेल गतिविधि और अन्य हिस्से पर आवासीय एवं वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित करने की छूट दी गई थी। ग्रुप ने कुछ अपनी कंपनी बनाई और कुछ कंपनियों को जमीन सब लीज किया। 

फ्लैट-विला-भूखंड बेचे गए 
जेपी इंटरनेशनल स्पोटर्स समेत दस कम्पनियां ने यहां प्लाट, फ्लैट, विला आदि का आवंटन शुरू कर दिया। यहां 4,605 लोगों को भूखंड/फ्लैट आवंटित कर दिए गए। इन आवंटियों ने करीब 1,900 करोड़ रुपये का भुगतना किया। आवंटियों से 2,400 रुपए वसूले जाने थे। अब आवंटियों पर 532 करोड़ बकाया है। अभी किसी आवंटी को कब्जा नहीं दिया गया है। कंपनी ने प्राधिकरण को बकाया भुगतान नहीं किया। 2011 से लेकर 2015 तक ग्रुप को 21 बार नोटिस जारी किए गए। प्राधिकरण का ग्रुप पर करीब 1043 करोड़ रुपये बकाया हो गया।