लीजिए एक और बड़ा घोटाला, जनता को कैसे लगाई 80 करोड़ रुपये की चपत

Updated Jan 09, 2020 23:08:47 IST | Tricity Today Reporter

यमुना प्राधिकरण में बुलंदशहर जिले के वैलाना गांव में मास्टर प्लान से बाहर 62.82 हेक्टेयर की जमीन खरीदने का मामला सीएजी ने पकड़ा है। इससे प्राधिकरण को 80 करोड़ का नुकसान हुआ है। अफसरों ने नियमों को दरकिनार करके किसानों से सीधे जमीन खरीद ली। इसमें अफसरों ने अपने लोगों को लाभ पहुंचाया है। इस जमीन पर आज भी किसानों को कब्जा और वह फसल का लाभ ले रहे हैं।

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Yamuna Authority

Yamuna City: यमुना प्राधिकरण में बुलंदशहर जिले के वैलाना गांव में मास्टर प्लान से बाहर 62.82 हेक्टेयर की जमीन खरीदने का मामला सीएजी ने पकड़ा है। इससे प्राधिकरण को 80 करोड़ का नुकसान हुआ है। अफसरों ने नियमों को दरकिनार करके किसानों से सीधे जमीन खरीद ली। इसमें अफसरों ने अपने लोगों को लाभ पहुंचाया है। इस जमीन पर आज भी किसानों को कब्जा और वह फसल का लाभ ले रहे हैं।

यमुना प्राधिकरण में मास्टर प्लान से बाहर जमीन खरीदकर करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया है। मथुरा जिले में 126 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ था। इसकी जांच अब सीबीआई कर रही है। अब एक और ऐसा ही मामला सीएजी ऑडिट में पकड़ा गया है। यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में गौतमबुद्ध नगर, बुलंदहशर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा व आगरा जिला आता हैै। प्राधिकरण ने वेब इंफ्राटेक लिमिटेड के लिए मेगा टाउनशिप बसाने के लिए जमीन खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया। इसके बाद जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए कार्रवाई शुरू कर दी। इसी बीच प्राधिकरण की बैठक हुई और किसानों से सीधे जमीन खरीदने का प्रस्ताव पास हो गया। संबंधित कंपनी ने इसके लिए 50 करोड़ रुपये जमा कर दिया। बाद में यह पैसा कंपनी को वापस कर दिया गया। प्राधिकरण ने अगस्त 2011 से मई 2013 के बीच 62.82 हेक्टेयर जमीन खरीद ली।

अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच सीधे जमीन खरीद का फैसला
सीएजी ने जांच के दौरान यह मामला पकड़ा है। यमुना प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2021 से यह जमीन बाहर है। इस गांव में मेगा टाउनशिप बसाने के लिए 410 हेक्टेयर जमीन की अधिग्रहण की धारा 4 की कार्रवाई के 10 दिन बाद की प्राधिकरण बोर्ड की 40वीं बैठक में सीधे जमीन खरीदने का प्रस्ताव पास कर लिया। प्राधिकरण ने वैलाना गांव में 62.82 हेक्टेयर जमीन खरीदी। इस पर 73.59 करोड़ रुपये लगे। जबकि 3.51 करोड़ स्टांप ड्यूटी अदा की गई। इसके अलावा 14 लाख रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क दिया गया। 

किसान उगा रहे हैं फसल
वैलाना गांव की जमीन पर आज तक प्राधिकरण का कब्जा नहीं है। करोड़ों खर्च करने के बाद प्राधिकरण के हाथ खाली है। जमीन खरीदने के छह साल बाद भी किसान इसमें फसल उगा रहे हैं। इससे प्राधिकरण को आर्थिक क्षति हुई है।

126 करोड़ के घोटाले के आरोपी भी शामिल 
बताया जाता है कि वैलाना गांव में जमीन खरीद में 126 करोड़ के घोटाले के लोग शामिल हैं। इसकी जांच में इससे पर्दा उठ सकता है। सूत्रों का कहना है कि इस खेल में अधिकारियों के साथ नेता भी शामिल हैं।