एबीवीपी ने चलाया ऋतुमत्ति अभियान, इन झुग्गी और बस्तियों में बांटे सेनेटरी नैपकिन

नोएडा : एबीवीपी ने चलाया ऋतुमत्ति अभियान, इन झुग्गी और बस्तियों में बांटे सेनेटरी नैपकिन

एबीवीपी ने चलाया ऋतुमत्ति अभियान, इन झुग्गी और बस्तियों में बांटे सेनेटरी नैपकिन

Tricity Today | झुग्गी और बस्तियों में बांटे सेनेटरी नैपकिन

एबीवीपी ने चलाया ऋतुमत्ति अभियान, इन झुग्गी और बस्तियों में बांटे सेनेटरी नैपकिन Noida News : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नोएडा में बुधवार को 'ऋतुमत्ति अभियान' की शुरुआत की। सह-छात्रा प्रमुख भावना राठौड़ और अन्य छात्राओं ने झुग्गी और बस्तियों में सेनेटरी नैपकिन बांटे। इस पहल को शहर के लोगों से काफी सराहना मिल रही है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों और बस्तियों में माहवारी के समय महिलाएं सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल नहीं करती है, वो अब भी समय के साथ अपडेट नहीं हो पाईं हैं। कुछ को सेनेटरी नैपकिन के बारे में पता है तो उनके पास इन्हें खरीदने के पैसे नहीं होते है।

सिर्फ 48 प्रतिशत महिलाएं करती है इस्तेमाल
आज हमारे देश में 62 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो माहवारी के वक्त कपड़े का इस्तेमाल करती है और मात्र 48 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग से परिचित है। ऐसे में भारत के एक बृहत घरेलू परिवेश में कपड़े के इस्तेमाल, कपड़े का सही प्रयोग और स्वच्छता सम्बन्धित समस्याएं महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए घातक है। इसी के साथ संकुचित घरेलू परिवेश के कारण भी महिलाओं को अपने मासिक धर्म के समय अनेक समस्याएं झेलनी पड़ती है।

एबीवीपी की खास पहल
इन्हीं समस्याओं को दखते हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ‘ऋतुमत्ति अभियान' के माध्यम से मासिक धर्म विषय पर चर्चा और जागरुकता फैलाने का काम कर रही है। एबीवीपी द्वारा मासिक धर्म जैसे मुद्दे को खुले मंच पर सम्वाद करने, सामाजिक निषेध (टेबू) को खत्म करने के उद्देश्य से ग्रामीण, शहरी और झुग्गी आदि परिवेशों में जाकर स्वच्छता और उसके महत्त्व से सम्बन्धित चर्चा स्थापित किया जा रहा हैं।

आज भी जागरूक नहीं
अधिकतर आज भी छात्राएं और युवतियां घर के बाहर तो सेनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन घर में कपड़े का ही इस्तेमाल करती है। अभी तक छात्राएं और युवतियां जागरूक नहीं है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा एक अभियान की शुरुआत की गई है। टीम के लोग छात्राओं को विभिन्न क्षेत्र में आगे बढ़ाने, सशक्त बनाने और उनकी पढ़ाई लिखाई में आने वाली बाधाओं को समाप्त करने के लिए संकल्परत है। ऐसे में लोकल स्तर पर किसी एक छात्रा और युवती को जिम्मेदारी के साथ अपने आस-पास के परिवेश में अफौर्डेबल मूल्य में सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध करवाने और उसमें कमाए हुए पैसे के माध्यम से स्वयं की शिक्षा को सुनिश्चित करने और आत्मनिर्भर बनने का अभियान है। टीम कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर सेनेटरी पेड डोनेशन ड्राइव चला कर झुग्गी और बस्तियों में पेड डिस्ट्रिब्यूशन का कार्य कर रही है। 

10,000 सेनेटरी नैपकिन वितरित का लक्ष्य
अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य और सह-छात्रा प्रमुख भावना राठौड़ ने बताया कि अभाविप ने नोएडा में 10,000 सेनेटरी नैपकिन वितरित करने का लक्ष्य रखा है। अभियान की शुरुआत 26 जनवरी से सैक्टर-53 और 9 की बस्तियों से की गई हैं। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया है कि दोनों बस्तियों में 500-500 सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया गया है। इस अभियान में शोभना, निकिता सिंह, रोबिन, किशन, शिखा और वैभव आदि कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं।

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