नोएडा अथॉरिटी में जांच हुई तेज, अब तक किसी ने नहीं दिया चार्जशीट का जवाब

Supertech Twins Tower : नोएडा अथॉरिटी में जांच हुई तेज, अब तक किसी ने नहीं दिया चार्जशीट का जवाब

नोएडा अथॉरिटी में जांच हुई तेज, अब तक किसी ने नहीं दिया चार्जशीट का जवाब

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नोएडा अथॉरिटी में जांच हुई तेज, अब तक किसी ने नहीं दिया चार्जशीट का जवाब Noida News : सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट में बने अवैध ट्विन टावर मामले में नोएडा प्राधिकरण स्तर पर चल रही जांच करीब 20 दिन में पूरी हो जाएगी। नोएडा प्राधिकरण की ओर से यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर शासन कार्रवाई करेगा। 

इन पर लगा है आरोप
उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद यूपी सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट में नोएडा प्राधिकरण में उस दौरान कार्यरत रहे 24 अधिकारी-कर्मचारी और सुपरटेक प्रबंधक के पदाधिकारियों को आरोपी माना था। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर नोएडा प्राधिकरण ने लखनऊ स्थित विजिलेंस में संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर कराई थी। इसके साथ ही आरोपी पाए गए अधिकारियों की विभागीय जांच के लिए करीब छह महीने पहले अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।

11 अधिकारी जांच के दायरे में
आईएएस स्तर के अधिकारियों की जांच का जिम्मा लखनऊ के एक वरिष्ठ अधिकारी को दिया गया। जबकि पीसीएस और इससे नीचे स्तर के अधिकारी की जांच के लिए नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्र को जांच अधिकारी बनाया गया। नोएडा प्राधिकरण स्तर के 11 अधिकारी जांच के दायरे में हैं। संबंधित 11 अधिकारियों में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्लानिंग मैनेजर मुकेश गोयल, नोएडा प्राधिकरण की प्लानिंग असिस्टेंट विमला सिंह, यूपीएसआईडीसी में तैनात प्लानिंग असिस्टेंट अनीता और यमुना प्राधिकरण के प्रभारी जीएम प्लानिंग ऋतुराज हैं।

आरोप पत्र जारी

इन चारों को शासन स्तर पर इस प्रकरण में निलंबित किया जा चुका है। इनके अलावा नियोजन विभाग के सीएपी रहे त्रिभुवन सिंह, वीए देवपुजारी, वरिष्ठ नगर नियोजक राजपाल कौशिक, नगर नियोजक अशोक कुमार मिश्रा, परियोजना अभियंता बाबू राम, ग्रुप हाउसिंग विभाग के एजीएम शैलेंद्र कैरे व वित्त नियंत्रक एसी सिंह शामिल हैं जिनको आरोप पत्र जारी किए गए हैं।

किसी ने भी नहीं दिया अब तक जवाब

शासन से निर्देश के बाद नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ ने जांच शुरू कर करीब पांच महीने पहले यानि फरवारी महीने में संबंधित अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए गए। आरोप पत्र का 15 दिन में जबाव देना था लेकिन अभी तक एक ने भी जबाव नहीं दिया है। अपने बचाव के लिए कोई न कोई जानकारी या कागजात प्राधिकरण से मांग रहे हैं। लेकिन अब जांच अधिकारी ने जल्द जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्णय लिया है। इस बारे में नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्र ने बताया कि करीब 20 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। अभी तक एक भी अधिकारी ने आरोप पत्र का जबाव नहीं दिया है।

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