नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ किसानों का 'मटका फोड़ आंदोलन', पुलिस से फिर तीखी नोंकझोंक

BIG BREAKING : नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ किसानों का 'मटका फोड़ आंदोलन', पुलिस से फिर तीखी नोंकझोंक

नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ किसानों का 'मटका फोड़ आंदोलन', पुलिस से फिर तीखी नोंकझोंक

Tricity Today | मटका फोड़ आंदोलन

नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ किसानों का 'मटका फोड़ आंदोलन', पुलिस से फिर तीखी नोंकझोंक Noida News : नोएडा में 81 गांवों के किसानों ने सोमवार को प्राधिकरण के खिलाफ एक बार फिर हल्ला बोल दिया। हजारों की संख्या में लोगों ने एकजुट होकर "मटका फोड़ आंदोलन" किया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई है। किसानों का कहना है कि जब तक नोएडा प्राधिकरण उनकी मांग को पूरा नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

नोएडा प्राधिकरण और ऋतु महेश्वरी के खिलाफ नारे लगे
इस प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नोएडा प्राधिकरण और ऋतु महेश्वरी के खिलाफ नारे लगाए। नोएडा की सीईओ के खिलाफ भी किसानों में भारी रोष है। महिलाओं ने मटका फोड़ कर अपना रोष व्याप्त किया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के दौरान 101 किसान जेल भेजे गए थे। बाद में नोएडा के विधायक पंकज सिंह के निवेदन पर सरकार ने सबको रिहा किया। किसानों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण और पुलिस उनको चाहे दोबारा जेल भेज दे लेकिन वह अपनी मांगों से पीछे नहीं हटने वाले हैं।



किसान नेता ने कहा- अफसरों के पाप का घड़ा भर गया
किसान नेता सुखबीर पहलवान का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के हितों को दबाने की कोशिश की है। कोई भी किसान इसको बर्दाश्त नहीं करेगा। सोमवार को सैकड़ों महिलाओं ने इकट्ठा होकर "मटका फोड़ आंदोलन" निकाला है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-5 बरात घर से लेकर सेक्टर-6 नोएडा प्राधिकरण तक सैकड़ों महिलाओं ने अपने सिर पर मटका लेकर यात्रा की। पुलिस ने सेक्टर-6 की रेड लाइट पर ही महिलाओं को रोक दिया। वहीं पर महिलाओं ने मटका फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के अफसरों के पाप का घड़ा भर गया है। इसलिए उन्होंने मटका फोड़ आंदोलन किया। 

कांग्रेस नेता ने भाजपा प्रतिनिधियों पर ताना निशाना
कांग्रेस नेता अनिल यादव का कहना है कि जब से नोएडा प्राधिकरण पर किसानों ने प्रदर्शन शुरू किया है, तब से अब तक कांग्रेस पार्टी का हर एक नेता और कार्यकर्ता किसानों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है। यहां तक कि कांग्रेस नेता किसानों के साथ जेल तक भी गए। अनिल यादव का कहना है कि नोएडा के हजारों-लाखों लोगों ने जनप्रतिनिधि को वोट देकर इसलिए चुना ताकि जब नोएडा प्राधिकरण यहां के किसानों और माताओं-बहनों के साथ गलत व्यवहार करे तो जनप्रतिनिधि उनके सामने आकर उनके मुद्दे को उठाएं। उनकी समस्याओं का समाधान करवाएं लेकिन नोएडा के विधायक इस मामले में विफल साबित हुए हैं। एक महीने से ज्यादा हो गया है, किसानों का प्रदर्शन जारी है। नोएडा विधायक अभी तक किसानों के बीच में नहीं आए हैं।
 

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