नोएडाः पर्थला गोलचक्कर से जुड़ी इस नई परियोजना पर काम कर है प्राधिकरण, तैयार होने के बाद दिखाई देगा खुबसूरत नजारा

पर्थला गोलचक्कर से जुड़ी इस नई परियोजना पर काम कर है प्राधिकरण, तैयार होने के बाद दिखाई देगा खुबसूरत नजारा

Tricity Today | गोलचक्कर का नजारा बेहद खुबसूरत दिखेगा

नोएडा प्राधिकरण शहर के लोगों को एक और सौगात देने जा रहा है। अथॉरिटी ने महात्वाकांक्षी पर्थला गोलचक्कर चौराहे को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब इस गोलचक्कर चौराहे की सूरत बदल जाएगी। इसके रूपरेखा का खाका तैयार किया जा रहा है। अब गोलचक्कर के ऊपर केबल सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा। इसके बाद नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच वाहनों को कोई बैरियर नहीं मिलेगा और गाड़िया पूरी रफ्तार से फर्राटा भरेंगी। प्राधिकरण सिर्फ इसी मार्ग की योजना पर काम नहीं कर रहा है। 

अथॉरिटी, गोलचक्कर के नीचे अंडरपास बनाकर फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम करने की प्लानिंग बना रहा है। इन दोनों प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पर्थला गोलचक्कर से गुजरने वाले लाखों वाहनों को बहुत राहत मिलेगी। बताते चलें कि पर्थला चौराहे को नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट का बॉर्डर कहा जाता है। विगत कुछ सालों में इस चौराहे पर गाड़ियों का बहुत दबाव बढ़ा है। इस रूट पर तकरीबन 1.25 लाख वाहनों की आवाजाही होती है। इसे सरल बनाने के लिए सेक्टर-71 चौराहे से किसान चौक के बीच 700 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इस पर 80.83 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके ऊपर 150 मीटर का हिस्सा केबल सस्पेंशन तकनीक से विकसित किया जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्रिज के लिए गोलचक्कर के ऊपर बन रहे पिलर की नींव 10 मीटर गहरी रहेगी। इसके पीछे एक बड़ी वजह है। इसके पीछे वजह यह है कि गोलचक्कर के नीचे से ब्रिज को क्रॉस करता हुआ छह मीटर ऊंचाई का अंडरपास बनाया जा सके। ताकि मुसाफिरों को ट्रैफिक फ्री यात्रा मिल सके। एफएनजी पर बनने वाला अंडरपास एनएच-9 से एक्सप्रेस-वे की तरफ बनाया जाएगा। प्राधिकरण इसका डिजाइन तैयार करा रहा है। जल्दी ही इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए अधिकारियों के पास भेज दिया जाएगा।

इसलिए जरूरी है फ्लाइओवर
दिल्ली से गाजियाबाद, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने के लिए इस चौराहे पर बिना सिग्नल के सीधे पहुंचा जा सकेगा। इसको बनाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। एमपी-3 मार्ग शहर के व्यस्ततम रूट में से एक है। इस रास्ते पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है और यात्रियों को हर दिन जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इसके निर्माण के बाद नोएडा सेक्टर- 51, 52, 61, 70, 71, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 121, 122 के निवासियों को यातायात में काफी राहत मिलेगी। 

शानदार नजारा दिखाई देगा
तैयार होने के बाद पर्थला चौराहे का दृश्य बेहद खुबसूरत दिखाई देगा। गोल चक्कर के ऊपर केबल सस्पेंशन ब्रिज बनेगा। इसके बीच में गोल चक्कर रहेगा। नीचे अंडरपास से वाहन बिना किसी बाधा के फर्राटा भरते दिखेंगे। ब्रिज के समानांतर ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली प्रस्तावित मेट्रो लाइन शुरू होगी। इससे इस चौक की खुबसूरती को चार चांद लग जाएंगे।

अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा
प्राधिकरण के मुख्य महाप्रबंधक राजीव त्यागी ने बताया कि इसको बनाने में करीब 80.53 करोड़ रुपए की लागत आएगी। पिछले साल 26 दिसंबर को इसका निर्माण शुरू किया गया था। कॉट्रैक्ट के तहत 23 जून, 2022 तक बनाने की समय सीमा तय की गई थी। पर जिस रफ्तार से काम चल रहा हैं, उस हिसाब से यह अक्टूबर, 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस फ्लाईओवर के बन जाने से हजारों वाहन चालकों को जाम मुक्त यातायात मिलेगा। यात्रियों को सुबह-शाम की ट्रैफिक के दौरान भी करीब 30 मिनट का कम समय लगेगा।

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