नोएडा : पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का किया पर्दाफाश, बांग्लादेश से जुड़े हैं तार, दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का किया पर्दाफाश, बांग्लादेश से जुड़े हैं तार, दो आरोपी गिरफ्तार

Social Media | पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

नोएडा पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में जालसाजी करने के एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपी युवक बांग्लादेश के नागरिक हैं। एसीएमओ (प्रशासन) डॉक्टर शशि ने इस मामले में नोएडा फेस-3 कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि बांग्लादेश से आकर कुछ लोग नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक अस्पताल में अवैध रूप से किडनी का प्रत्यारोपण कर रहे हैं। पुलिस इसी मामले की जांच कर रही थी। इस दौरान पुलिस के हाथ इस गिरोह से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले। इनके आधार पर पुलिस ने इस गैंग की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया। फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

इनकी पहचान अहमद शरीफ निवासी बांग्लादेश और बाजुलहक निवासी सिवान (बिहार) के रूप में हुई है। इनके तीन अन्य साथी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि फरार आरोपी ट्रैवल एजेंट अब्दुल मनान इस स्कैम में मुख्य कड़ी है। वह बांगलादेशी नागरिकों की किडनी व अन्य आर्गन ट्रांसप्लान्ट कराने के लिये डोनर का इंतजाम करता था। 

अब्दुल डोनर को रुपयों का लालच देकर मरीज और डोनर के बीच रिश्तेदारी के फर्जी कागजात तैयार करता था। इसके बाद इन डोनर को ट्रांसप्लान्ट के लिए जिले में बुलाता था। मरीज और डोनर के पासपोर्ट पर मेडिकल वीजा भी अन्य शहरों का बनवाया जाता है। जिले में रिसीवर और फैसीलेटर बाजुलहक एयरपोर्ट से डोनर औऱ मरीज को लेकर नोएडा के सेक्टर-62 स्थित एक निजी अस्पताल में ट्रांसप्लान्ट के लिए ले जाता था। पुलिस सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (जोन द्वीतिय) हरीश चंदर ने बताया कि इस घटना में शामिल मोहम्मद कबीर हुसैन, सब्बीर तथा अब्दुल मन्नान फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि मोहम्मद कबीर नाम के व्यक्ति की किडनी खराब है। शरीफ, वाजिद आदि ने बांग्लादेश से उन्हें किडनी बदलवाने के लिए नोएडा बुलाया। ये लोग फर्जी दस्तावेज के आधार पर खून का रिश्ता बताकर किडनी का ट्रांसप्लांट करने की कोशिश में लगे थे। डीसीपी ने बताया कि इस घटना में शामिल अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इससे पहले भी इस गिरोह ने अवैध रूप से किडनी प्रत्यारोपण किया है।

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