अथॉरिटी के डीजीएम श्रीपाल भाटी से 8 घंटे पुलिस ने की पूछताछ, छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी

Noida Jalvayu Vihar Case : अथॉरिटी के डीजीएम श्रीपाल भाटी से 8 घंटे पुलिस ने की पूछताछ, छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी

अथॉरिटी के डीजीएम श्रीपाल भाटी से 8 घंटे पुलिस ने की पूछताछ, छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी

Tricity Today | नोएडा अथॉरिटी के सैकड़ों कर्मचारी थाने पहुंचे।

अथॉरिटी के डीजीएम श्रीपाल भाटी से 8 घंटे पुलिस ने की पूछताछ, छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी Noida : बुधवार की देर रात नोएडा पुलिस और प्राधिकरण के कर्मचारियों के बीच जमकर नोकझोंक का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर-21 में स्थित जलवायु विहार हाउसिंग सोसायटी की दीवार गिरने से चार मजदूरों की मौत के मामले में थाना सेक्टर-20 पुलिस ने प्राधिकरण के डीजीएम श्रीपाल भाटी को बुलाया। उनसे करीब 8 घण्टों तक पूछताछ की गई। इसी दौरान प्राधिकरण के सैकड़ों कर्मचारी थाने पहुंच गए। पुलिस वालों पर अवैध तरीके से डीजीएम को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसका नाम गुल मोहम्मद है। वहीं, मुख्य आरोपी कंपनी का डायरेक्टर सुंदर यादव पुलिस की पकड़ से दूर है।

प्राधिकरण के कर्मचारियों ने पुलिस पर लगाए आरोप
बुधवार की देर रात नोएडा अथॉरिटी के दर्जनों कर्मचारी और इंजीनियर थाना-20 में पहुंचे। पुलिस उस वक्त डीजीएम श्रीपाल भाटी से जलवायु विहार की दीवार गिरने के प्रकरण में पूछताछ कर रही थी। प्राधिकरण के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने दोपहर को पूछताछ के लिए डीजीएम को थाने में बुलाया था, लेकिन बिना किसी सूचना के श्रीपाल भाटी को 8 घंटे से थाने में बिठाए रखा है। बिना कोई नोटिस दिए डीजीएम को थाने में 8 घंटे से बैठना गलत है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस ने देर रात पूछताछ के बाद डीजीएम श्रीपाल भाटी को घर वापस भेज दिया।

हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से बताया गया है कि नोएडा अथॉरिटी से मिली शिकायत के आधार पर कंपनी एमडी प्रोजेक्ट के डायरेक्टर सुंदर यादव और उसके कारिंदे गुल मोहम्मद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गुल मोहम्मद को थाना सेक्टर-20 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभी कांट्रेक्टर सुंदर यादव फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से बताया गया है कि बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। जल्दी ही कांट्रेक्टर और उसके बाकी साथियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

प्राधिकरण ने कहा- 25-30 साल पुरानी दीवार अपने आप गिर गई
इस हादसे को लेकर नोएडा अथॉरिटी की ओर से एक प्रेस बयान जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि दीवार गिरने के तुरंत बाहर प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी, प्रधान महाप्रबंधक राजीव त्यागी और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तत्काल 5-6 जेसीबी मशीन और 50-60 व्यक्तियों को दीवार का मलबा हटाने के लिए लगा दिया गया था। इस चारदीवारी का निर्माण सेक्टर-21 की आरडब्लूए जलवायु विहार सहकारी आवास समिति ने कराया था और लगभग 25 साल पुरानी थी। चारदीवारी पर ग्रिट वॉश और तार फेंसिंग का काम भी आरडब्लूए नहीं करवाया था। इसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी जलवायु विहार सहकारी आवास समिति के पास है। चारदीवारी के साथ बनी नाली का मेंटेनेंस जलवायु विहार की आरडब्ल्यूए के अनुरोध पर किया जा रहा था। इसके लिए नोएडा अथॉरिटी ने 17 अगस्त 2022 को एमडी प्रोजेक्ट एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी को 92.18 लाख रुपये का टेंडर दिया था। नाली का काम चल रहा था। इसी दौरान दीवार खुद गिर गई।

मानवेन्द्र सिंह समिति जांच करेगी, मृतक आश्रितों को 5-5 लाख मिलेंगे
हादसे के वक्त 13 व्यक्ति काम कर रहे थे। इनमें से 4 की मौके पर मृत्यु हो गई। एक को मामूली चोट आई है। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। 8 लोग सुरक्षित हैं। इस पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेदारी अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में एक समिति को दी गई है। इस समिति में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रवीण मिश्रा और प्लानिंग डिपार्टमेंट के महाप्रबंधक इश्तियाक अहमद सदस्य हैं। यह समिति जांच करके अपनी रिपोर्ट 15 दिनों में मुख्य कार्यपालक अधिकारी को सौंप देगी। समिति को जांच करने में तकनीकी मदद देने के लिए फोर्ट्रेस इंफ्राकॉन लिमिटेड को बतौर सहयोगी नियुक्त किया गया है। नोएडा प्राधिकरण से यह टेंडर लेकर काम करने वाली कंपनी मृतक आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देगी।

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